37% गिरा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का मुनाफा, IPO से पहले NSE ने जारी किए नतीजे
NSE Q3 Results: दिसंबर तिमाही में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मुनाफा 37 प्रतिशत गिरकर 2,408 करोड़ रुपये रह गया है। एनएसई ने वित्त वर्ष 2024-25 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 3,834 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।
NSE Q3 Results: चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मुनाफा 37 प्रतिशत गिरकर 2,408 करोड़ रुपये रह गया है। एनएसई ने वित्त वर्ष 2024-25 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 3,834 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। देश के सबसे बड़े शेयर बाजार ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में उसकी कुल आय नौ प्रतिशत घटकर 4,395 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 4,807 करोड़ रुपये थी। तिमाही आधार पर एनएसई का चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में मुनाफा 15 प्रतिशत बढ़ा, जबकि उसकी कुल आय में छह प्रतिशत की वृद्धि हुई। बता दें कि एनएसई का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने के प्रस्ताव पर बाजार नियामक सेबी से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने के बाद इन वित्तीय आंकड़ों को जारी किया गया है।
निदेशक मंडल ने आईपीओ को मंजूरी दी
इस बीच, एनएसई के निदेशक मंडल ने आईपीओ को मंजूरी दे दी है। यह आईपीओ पूरी तरह से बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित होगा और इसमें नया निर्गम शामिल नहीं होगा। इसके साथ ही एक दशक से अधिक की देरी के बाद एक्सचेंज के लिए अपनी सूचीबद्धता योजनाओं को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। निदेशक मंडल की बैठक में आईपीओ प्रक्रिया को पूरा करने के लिए गठित समिति के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई। पुनर्गठित समिति की अध्यक्षता गैर-स्वतंत्र निदेशक तबलेश पांडेय करेंगे। इसमें सार्वजनिक हित निदेशक श्रीनिवास इंजेती, ममता बिस्वाल, अभिलाषा कुमारी और जी शिवकुमार के साथ प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी आशीष कुमार चौहान भी शामिल होंगे। समिति को सूचीबद्धता के लिए शासन, अनुपालन और प्रक्रियात्मक अनुशासन पर ध्यान केंद्रित करते हुए आईपीओ से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की निगरानी और सुविधा का जिम्मा सौंपा गया है।
लंबे समय से थी योजना
देश के सबसे बड़े शेयर बाजार एनएसई की सूचीबद्ध होने की योजना वर्ष 2016 से ही लंबित है। उसी वर्ष एनएसई ने मौजूदा शेयरधारकों द्वारा लगभग 10,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए बिक्री पेशकश (ओएफएस) के जरिये आईपीओ लाने के लिए मसौदा दस्तावेज दाखिल किए थे।
हालांकि, सेबी ने संचालन खामियों और को-लोकेशन मामले से जुड़े नियामकीय चिंताओं के चलते इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। इसके बाद से एनएसई ने कई बार नियामक से सूचीबद्ध होने की अनुमति मांगी, लेकिन अब तक उसे हरी झंडी नहीं मिल पाई थी।





