LPG के बाद अब सोने और चांदी की हो सकती है किल्लत, भारतीय बैंकों ने रोका आयात
भारतीय बैंकों ने फिलहाल विदेशी सप्लायर्स से सोने और चांदी के आयात ऑर्डर रोक दिए हैं। कई टन सोना-चांदी कस्टम्स में ही अटका हुआ है, क्योंकि इनके आयात को मंजूरी देने वाला कोई औपचारिक सरकारी आदेश अभी तक जारी नहीं हुआ है।

LPG के बाद देश में सोने और चांदी की भी किल्लत हो सकती है। भारतीय बैंकों ने विदेशी सप्लायर्स से सोने और चांदी के आयात ऑर्डर रोक दिए हैं। कई टन सोना-चांदी कस्टम्स में अटका हुआ है, क्योंकि इनके आयात को अधिकृत करने वाला कोई औपचारिक सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में यह बात ट्रेड सूत्रों ने कही है। बिना नए आयात के भारत को सप्लाई से जुड़ी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि दुनिया का दूसरा बड़ा गोल्ड कंज्यूमर और चांदी का सबसे बड़ा खरीदार भारत अपनी करीब पूरी डिमांड पूरा करने के लिए विदेशी खरीद पर निर्भर है।
वैश्विक कीमतों पर असर डाल सकती है कमजोर भारतीय डिमांड
कमजोर भारतीय डिमांड गोल्ड और सिल्वर के ग्लोबल प्राइसेज पर असर डाल सकती है। जबकि यह देश के व्यापार घाटे को कम सकता है और रुपये को सपोर्ट कर सकता है। रुपया, इस साल अब तक सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली एशियन करेंसीज में से एक रहा है। रुपये पर दबाव घटाने के लिए अथॉरिटीज ने कई कदम उठाए हैं। हाल में रिफाइनरीज से अपने स्पॉट डॉलर परचेज को रोकने के लिए कहा गया है।
हर वित्त वर्ष की शुरुआत में ही ऑर्डर जारी करता है DGFT
मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के तहत आने वाला डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) आमतौर पर प्रत्येक वित्त वर्ष की शुरुआत में एक ऑर्डर जारी करता है, जिसमें सोने और चांदी का आयात करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की तरफ से अधिकृत बैंकों की लिस्टिंग करता है। पिछला ऑर्डर अप्रैल 2025 में जारी किया गया था और यह 31 मार्च को खत्म हुए पिछले वित्त वर्ष तक वैध था। अब बैंक DGFT के नए दिशा-निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने फिलहाल इस मामले को लेकर रॉयटर्स के सवाल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
साल 2025 में घटी है भारत की गोल्ड डिमांड
बैंकों को उम्मीद थी कि डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) अप्रैल की शुरुआत में ही ऑर्डर जारी कर देगा, जैसा कि यह हर साल करता है। लेकिन, इसको लेकर अभी तक कोई अपडेट नहीं है। एक प्राइवेट बैंक में मुंबई बेस्ड एक बुलियन डीलर ने बताया कि बिना कस्टम्स क्लीयरेंस के 5 टन से ज्यादा गोल्ड अटका पड़ा हुआ है। नाम न जाहिर करने की शर्त पर डीलर ने बताया कि DGFT ऑर्डर के टाइमिंग की अनिश्चितता की वजह से बैंकों को विदेशी सप्लायर्स से नए इंपोर्ट ऑर्डर रोकने पड़े हैं। सूत्रों ने बताया कि बिना कस्टम्स क्लीयरेंस के करीब 8 टन इंपोर्टेड चांदी की अटकी हुई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, भारत की गोल्ड डिमांड साल 2025 में घटकर 710.9 मीट्रिक टन रही, जो कि 5 साल में सबसे कम है।
लेखक के बारे में
Vishnu Soniविष्णु सोनी लाइव हिन्दुस्तान में बिजनेस, गैजेट्स और ऑटो सेक्शन संभाल रहे हैं। वह दिसंबर 2020 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ
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विष्णु का ध्यान हमेशा रहा है।
पत्रकारिता में विष्णु को 20 साल पूरे होने को हैं। विष्णु के करियर का ज्यादातर हिस्सा बिजनेस जर्नलिज्म से जुड़ा रहा है।
वह दैनिक भास्कर, इकनॉमिक टाइम्स-हिंदी, अमर उजाला, नेटवर्क-18 और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर
चुके हैं। विष्णु ने पत्रकारिता की पढ़ाई इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मॉस कम्युनिकेशन (IIMC), दिल्ली से की है। विष्णु, इलाहाबाद
विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट हैं। GST को लेकर बनाए गए विष्णु के एक वीडियो को अवॉर्ड भी मिल चुका है। कुकिंग,
ट्रेवलिंग, क्रिकेट देखने और खेलने में इनको मजा आता है। अपने वक्त का एक हिस्सा विष्णु ऐसे शेयरों को 'खोजने' में लगाते
हैं, जो कि आगे चलकर अच्छा रिटर्न दें।


