सोने के बाद अब चांदी पर सख्ती, इंपोर्ट के लिए सरकार से लेना होगा लाइसेंस
विदेश व्यापार महानिदेशालय ने एक अधिसूचना में कहा कि सोने और प्लैटिनम के साथ मिलाई जाने वाली चांदी सहित चांदी की आयात नीति को तत्काल प्रभाव से मुक्त से प्रतिबंधित श्रेणी में कर दिया गया है।

सोने के बाद अब चांदी पर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने शनिवार को चांदी के आयात को प्रतिबंधित श्रेणी में रखने का निर्णय किया। प्रतिबंधित श्रेणी के तहत आने वाली वस्तुओं के आयात के लिए सरकारी लाइसेंस की जरूरत होती है। बता दें कि अब तक चांदी का आयात मुक्त या फ्री की श्रेणी में था। सरकार का यह कदम देश में बढ़ते आयात बिल पर नियंत्रण और कीमती धातुओं के आयात की निगरानी मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। ये फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि सरकार ने 13 मई को कीमती धातुओं पर आयात शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था।
क्या हुआ था फैसला?
सरकार ने बीते बुधवार को सोने और चांदी पर आयात शुल्क में भारी बढ़ोतरी करते हुए इसे 15 प्रतिशत कर दिया। यह कदम पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण लगातार बढ़ते आयात खर्च को देखते हुए उठाया गया है। इसका उद्देश्य सोने-चांदी की खरीद को हतोत्साहित करना और गैर-जरूरी आयात में कटौती करना है। इसके तहत सोने और चांदी पर आयात शुल्क को 13 मई से छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि प्लैटिनम पर आयात शुल्क 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया गया है।
इसके अलावा, सरकार ने सोने के आयात पर 100 किलोग्राम की सीमा भी तय कर दी। विदेश व्यापार महानिदेशालय के एक आदेश के मुताबिक सोने के आयात के लिए अग्रिम मंजूरी अधिकतम 100 किलोग्राम की सीमा के अधीन ही जारी की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति पहली बार अग्रिम मंजूरी के लिए आवेदन करता है, तो उसकी प्रोडक्शन यूनिट का अनिवार्य रूप से फिजिकल निरीक्षण किया जाएगा। यह निरीक्षण यूनिट के अस्तित्व, उसकी क्षमता और उसके चालू होने की स्थिति की पुष्टि करने के लिए किया जाएगा।
अप्रैल में सोने-चांदी के आयात में बंपर उछाल
अप्रैल में भारत का सोने का आयात 81.69 प्रतिशत बढ़कर 5.62 अरब डॉलर हो गया। वहीं, चांदी का आयात 157.16 प्रतिशत बढ़कर 41.1 करोड़ डॉलर हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 में सोने का आयात मूल्य के लिहाज से 24 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
हालांकि, मात्रा के लिहाज से आयात 4.76 प्रतिशत घटकर 721.03 टन रहा। पिछले वित्त वर्ष में चांदी का आयात लगभग 150 प्रतिशत बढ़कर 12 अरब डॉलर हो गया। मात्रा के लिहाज से यह 42 प्रतिशत बढ़कर 7,334.96 टन रहा। अप्रैल में सोने और चांदी के आयात में बढ़ोतरी से देश का व्यापार घाटा बढ़कर तीन महीने के उच्चस्तर 28.38 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
और पढ़ें

