दुनिया का दूसरा बड़ा ब्रेकवॉटर बनाएगी कंपनी, 5301 करोड़ रुपये का मिला है ऑर्डर, रॉकेट बने शेयर
मुख्य बातें
- एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर को 5301 करोड़ रुपये का बड़ा प्रोजेक्ट मिला है
- इस कॉन्ट्रैक्ट में कंपनी को वधावन पोर्ट डिवेलपमेंट के तहत 10.14 किलोमीटर लंबी ब्रेकवॉटर का कंस्ट्रक्शन करना है
- एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर बुधवार को BSE में 9 पर्सेंट से अधिक के उछाल के साथ 346.30 रुपये पर पहुंच गए हैं

सिविल कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनी एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में तूफानी तेजी आई है। एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर बुधवार को BSE में 9 पर्सेंट से अधिक के उछाल के साथ 346.30 रुपये पर पहुंच गए हैं। कंपनी को एक बड़ा प्रोजेक्ट मिला है। एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर ने अनाउंस किया है कि उसे वधावन पोर्ट प्रोजेक्ट लिमिटेड (VPPL) से एक लेटर ऑफ अवॉर्ड मिला है। यह प्रोजेक्ट महाराष्ट्र में आगामी वधावन पोर्ट में 10.14 किलोमीटर ब्रेकवॉटर के कंस्ट्रक्शन के लिए है।
5301 करोड़ रुपये का है कॉन्ट्रैक्ट
एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर (Afcons Infrastructure) के मुताबिक, कंपनी को मिले इस कॉन्ट्रैक्ट की वैल्यू 5301 करोड़ रुपये है। प्रोजेक्ट पूरा होने पर यह स्ट्रक्चर दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा ब्रेकवॉटर बनने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट में वधावन पोर्ट डिवेलपमेंट के तहत 10.14 किलोमीटर लंबी ब्रेकवॉटर का कंस्ट्रक्शन किया जाना शामिल है। एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर ने बताया है कि उसे 10 जून को लेटर ऑफ अवॉर्ड मिला है।
मरीन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में कंपनी को महारत
रेगुलेटरी कम्युनिकेशन में एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर (Afcons Infrastructure) ने भारत और विदेशों में मरीन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पूरा करने से जुड़े अपने एक्सपीरियंस को हाइलाइट किया है। एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर ने विदेश में कई मरीन प्रोजेक्ट्स किए हैं, जिनमें ओमान के सोहार पोर्ट पर बल्क जेटी, गैबॉन में न्यू ओवेंडो इंटरनेशनल पोर्ट और कुवैत में सल्फर जेटी प्रोजेक्ट शामिल हैं। एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर ने बताया है कि ओमान के सोहार पोर्ट पर बल्क जेटी दुनिया के सबसे गहरे पोर्ट्स में से एक में स्थित है। कंपनी ने बताया है कि गैबॉन में न्यू ओवेंडो इंटरनेशनल पोर्ट को 18 महीने में पूरा किया गया और इसे पश्चिम अफ्रीका में सबसे जल्दी पूरे होने वाले पोर्ट प्रोजेक्ट के रूप में जाना जाता है।
चौथी तिमाही में कंपनी को हुआ 89 करोड़ रुपये का घाटा
सिविल कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनी एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर (Afcons Infrastructure) को 31 मार्च 2026 को खत्म हुई चौथी तिमाही में 89 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 111 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। कंपनी ने बताया है कि माइक्रोइकनॉमिक अस्थिरताओं और कुछ खास कारकों की वजह से उसके मुनाफे पर असर पड़ा है। ऑपरेशंस से मिलने वाला कंपनी का रेवेन्यू चौथी तिमाही में 18 पर्सेंट घटकर 2777 करोड़ रुपये रहा है, जो कि एक साल पहले की समान अवधि में 3387 करोड़ रुपये था। चौथी तिमाही में एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर का इबिट्डा 170 करोड़ रुपये रहा है, इसमें 59 पर्सेंट की गिरावट देखने को मिली है। एक साल पहले की समान अवधि में इबिट्डा 415 करोड़ रुपये था।
लेखक के बारे में
Vishnu Soniविष्णु सोनी लाइव हिन्दुस्तान में बिजनेस, गैजेट्स और ऑटो सेक्शन संभाल रहे हैं। वह दिसंबर 2020 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ
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विष्णु का ध्यान हमेशा रहा है।
पत्रकारिता में विष्णु को 20 साल पूरे होने को हैं। विष्णु के करियर का ज्यादातर हिस्सा बिजनेस जर्नलिज्म से जुड़ा रहा है।
वह दैनिक भास्कर, इकनॉमिक टाइम्स-हिंदी, अमर उजाला, नेटवर्क-18 और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर
चुके हैं। विष्णु ने पत्रकारिता की पढ़ाई इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मॉस कम्युनिकेशन (IIMC), दिल्ली से की है। विष्णु, इलाहाबाद
विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट हैं। GST को लेकर बनाए गए विष्णु के एक वीडियो को अवॉर्ड भी मिल चुका है। कुकिंग,
ट्रेवलिंग, क्रिकेट देखने और खेलने में इनको मजा आता है। अपने वक्त का एक हिस्सा विष्णु ऐसे शेयरों को 'खोजने' में लगाते
हैं, जो कि आगे चलकर अच्छा रिटर्न दें।


