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सहारा की प्रॉपर्टी खरीदने के मूड में अडानी, SC ने केंद्र और सेबी से जवाब मांगा

सहारा की प्रॉपर्टी खरीदने के मूड में अडानी, SC ने केंद्र और सेबी से जवाब मांगा

संक्षेप: उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड की उस याचिका पर केंद्र, सेबी और अन्य हितधारकों से जवाब मांगा, जिसमें कंपनी ने अडानी प्रॉपर्टीज को अपनी संपत्तियां बेचने की अनुमति मांगी है।

Tue, 14 Oct 2025 09:50 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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भारतीय अरबपति गौतम अडानी समूह की कंपनी अडानी प्रॉपर्टी ने रियल एस्टेट समूह सहारा के 87 संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए अदालत की मंजूरी मांगी है। अदालत से मंजूरी मिलने पर अडानी प्रॉपर्टीज को बड़ा लैंड बैंक यानी जमीन का हिस्सा भी मिलेगा। इस बीच, उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड की उस याचिका पर केंद्र, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) और अन्य हितधारकों से जवाब मांगा, जिसमें कंपनी ने अडानी प्रॉपर्टीज को अपनी संपत्तियां बेचने की अनुमति मांगी है।

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सहारा का क्या है प्लान

दरअसल, सहारा समूह निवेशकों की रकम लौटाने को फंड जुटाने की योजना बना रहा है। इसी के लिए सहारा समूह होटल, शॉपिंग सेंटर और आवासीय और कार्यालय भवन बेचना चाहता है। अडानी उन सभी संपत्तियों को खरीदने की मांग कर रहा है। अडानी समूह के वकील मुकुल रोहतगी ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों को बताया कि अडानी समूह उन सभी परिसंपत्तियों को खरीदना चाहता है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट इस बात की निगरानी कर रहा है कि सहारा अपने निवेशकों को किस प्रकार भुगतान करता है। रोहतगी ने यह नहीं बताया कि अडानी संपत्तियों के लिए कितनी राशि की पेशकश कर रहे हैं।

संपत्तियों का विवरण तैयार करने को कहा

मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की एक विशेष पीठ ने न्यायमित्र और वरिष्ठ अधिवक्ता शेखर नफड़े से सहारा फर्म के अडानी समूह की कंपनी को बेची जाने वाली प्रस्तावित संपत्तियों का विवरण तैयार करने को कहा। पीठ ने न्यायमित्र से इन संपत्तियों के संबंध में अन्य हितधारकों के जवाबों पर भी गौर करने और उनकी प्रकृति के बारे में पता लगाने को कहा, जिसमें यह भी शामिल है कि संपत्तियां बेदाग हैं या विवादित। पीठ ने आदेश दिया- हम आवेदक को वित्त मंत्रालय और सहकारिता मंत्रालय को पक्षकार बनाने का निर्देश देते हैं। आवेदन में ऐसी संपत्तियां भी शामिल हैं, जिनके अधिकार अभी कुछ पक्षों के बीच स्पष्ट नहीं हुए हैं।

पीठ ने सहारा समूह को उन कर्मचारियों के दावों की भी जांच करने का निर्देश दिया, जिन्हें कई वर्षों से वेतन नहीं मिला है। न्यायालय ने केंद्र, न्यायमित्र और सेबी से सहारा फर्म के आवेदन में की गई प्रार्थनाओं पर जवाब देने को कहा। पीठ ने सहारा कंपनी की याचिका पर विचार के लिए 17 नवंबर की तारीख तय की है। सहारा समूह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायालय को बताया कि उन्होंने एक व्यापक योजना पेश की है, जिसके तहत उनकी संपत्तियां एक खरीदार को थोक में बेची जाएंगी और बिक्री से मिलने वाले लगभग 12,000 करोड़ रुपये को बकाया देनदारियों के लिए जमा किया जाएगा।

Deepak Kumar

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दीपक कुमार, हिन्दुस्तान डिजिटल में बिजनेस की खबरें लिखते हैं। वह स्टॉक मार्केट, यूटिलिटी समेत बिजनेस सेक्शन से जुड़ी हर खबरों की ना सिर्फ समझ रखते हैं, बल्कि आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। दीपक की बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी जबरदस्त पकड़ है। उन्हें बेहतरीन काम की सराहना मिलती रही है और सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से सीवान (बिहार) के रहने वाले दीपक के पास करीब 11 साल का अनुभव है। करियर की बात करें तो अमर उजाला से शुरू हुआ सफर दैनिक भास्कर,आजतक, इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप होते हुए हिन्दुस्तान डिजिटल तक पहुंच चुका है। फिलहाल, वह हिन्दुस्तान डिजिटल में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए हिमाचल यूनिवर्सिटी चले गए। दीपक सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं। उन्हें नई-नई तकनीक से रूबरू होना अच्छा लगता है। खाली वक्त में फिल्में देखना या क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं। और पढ़ें
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