ब्राजील की कंपनी से अडानी समूह की बड़ी डील, जेट विमानों के लिए होगा काम
बता दें कि एम्ब्रेयर ने भारत में मौजूद बड़े अवसरों को देखते हुए अक्टूबर 2025 में राष्ट्रीय राजधानी में अपना कार्यालय स्थापित किया था। कंपनी के ई-जेट विमानों ने वर्ष 2005 में भारत में परिचालन शुरू किया था।
गौतम अडानी समूह ने ब्राजील की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी एम्ब्रेयर के साथ भारत में उसके क्षेत्रीय जेट विमानों के लिए अंतिम असेंबली लाइन (एफएएल) स्थापित करने को लेकर एक प्रारंभिक समझौता किया है। सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस और एम्ब्रेयर के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। हालांकि, इस प्रस्तावित परियोजना के विवरण का तत्काल पता नहीं चल सका है। इस मामले में अडानी समूह और एम्ब्रेयर की तरफ से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
2005 में भारत में परिचालन शुरू
बता दें कि एम्ब्रेयर ने भारत में मौजूद बड़े अवसरों को देखते हुए अक्टूबर 2025 में राष्ट्रीय राजधानी में अपना कार्यालय स्थापित किया था। कंपनी के ई-जेट विमानों ने वर्ष 2005 में भारत में परिचालन शुरू किया था। फिलहाल एम्ब्रेयर कंपनी के करीब 50 विमान भारत में भारतीय वायुसेना, सरकारी एजेंसियों, बिजनेस जेट ऑपरेटरों और क्षेत्रीय एयरलाइन स्टार एयर की सेवाओं में शामिल हैं। भारतीय विमानन क्षेत्र में पहले से मजबूत मौजूदगी रखने वाला अडानी समूह, एम्ब्रेयर के साथ साझेदारी के जरिये भारत में विमान निर्माण के क्षेत्र में कदम रखने जा रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब केंद्र सरकार नागर विमानन क्षेत्र में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। फिलहाल भारत में असैन्य विमानों की कोई फाइनल असेंबली लाइन मौजूद नहीं है।
विशेष प्रयोजन इकाई स्थापित करने की प्रक्रिया
पिछले वर्ष नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा था कि क्षेत्रीय परिवहन विमान निर्माण के लिए एक विशेष प्रयोजन इकाई (एसपीवी) स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है और विमान एवं उसके पुर्जों के निर्माण के लिए आवश्यक नीतियां मौजूद हैं। एम्ब्रेयर के वरिष्ठ अधिकारी राउल विलारोन ने नवंबर 2025 में कहा था कि भारत एशिया का एक बड़ा और अब तक अपेक्षाकृत अछूता बाजार है, जहां प्रतिस्पर्धी सीट लागत वाले विमानों की व्यापक संभावनाएं हैं। वर्ष 2024 में एम्ब्रेयर डिफेंस एंड सिक्योरिटी और महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स ने भारतीय वायुसेना के मझौले परिवहन विमान (एमटीए) कार्यक्रम के तहत 'सी-390 मिलेनियम' विमान के लिए संयुक्त रूप से अवसरों का आकलन करने के उद्देश्य से एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे।





