
अडानी के इस कारोबार पर आया बड़ा अपडेट, ₹62 वाले शेयर पर टूट पड़े निवेशक
अडानी समूह की कंपनी अंबुजा सीमेंट के निदेशक मंडल ने अपनी सब्सिडयरी इकाइयों एसीसी लिमिटेड और ओरिएंट सीमेंट का कंपनी में विलय करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। दोनों कंपनियों के विलय से नेटवर्क, ब्रांडिंग और बिक्री संवर्धन से जुड़े खर्चों को तर्कसंगत बनाया जा सकेगा।
Sanghi industries share: गौतम अडानी समूह की कई कंपनियां हैं जो शेयर बाजार में लिस्टेड हैं। इन कंपनियों में एक सांघी इंडस्ट्रीज भी है। सीमेंट कारोबार से जुड़ी इस कंपनी के शेयर में मंगलवार को तूफानी तेजी देखी गई। बीते सोमवार को 62 रुपये की क्लोजिंग के बाद यह शेयर 3 पर्सेंट से ज्यादा उछला और 64.33 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। सितंबर 2025 में शेयर 71.80 रुपये के स्तर तक गया, यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है। वहीं, शेयर के 52 हफ्ते का लो 50.10 रुपये है। शेयर का यह भाव मार्च 2025 रुपये के स्तर तक पहुंच गया।
क्या है उछाल की वजह?
दरअसल, अडानी समूह की कंपनी अंबुजा सीमेंट के निदेशक मंडल ने अपनी सब्सिडयरी इकाइयों एसीसी लिमिटेड और ओरिएंट सीमेंट का कंपनी में विलय करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। दोनों कंपनियों के विलय से नेटवर्क, ब्रांडिंग और बिक्री संवर्धन से जुड़े खर्चों को तर्कसंगत बनाया जा सकेगा। इससे लागत कम होगी और प्रति टन कम से कम 100 रुपये तक मार्जिन में सुधार होने की उम्मीद है। अडानी समूह की ओर से दिए गए आधिकारिक बयान के मुताबिक एसीसी, ओरिएंट, पन्ना और सांघी के साथ अलग से किसी समझौते की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि ये सभी सब्सिडयरी कंपनियां अंबुजा सीमेंट का अभिन्न हिस्सा बन जाएंगी।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न
सांघी इंडस्ट्रीज के शेयरहोल्डिंग पैटर्न की बात करें तो 75 पर्सेंट हिस्सेदारी प्रमोटर्स के पास है। वहीं, पब्लिक शेयरहोल्डिंग 25 पर्सेंट है। सांघी के प्रमोटर ग्रुप में अंबुजा सीमेंट है। अंबुजा सीमेंट के पास 15,00,45,102 शेयर या 58.08 फीसदी की हिस्सेदारी है।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
सितंबर 2025 तिमाही के दौरान सांघी इंडस्ट्रीज लिमिटेड की बिक्री और ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में मजबूत सुधार देखने को मिला है जबकि निचले स्तर पर अब भी घाटा बना हुआ है। सितंबर 2025 तिमाही में कंपनी की नेट सेल्स ₹284.93 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹151.50 करोड़ के मुकाबले 88.07% की तेज़ बढ़त दर्शाती है। इस तिमाही में एबिटा ₹29.24 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹15.45 करोड़ के मुकाबले 89.26% की वृद्धि को दर्शाता है। हालांकि, सितंबर 2025 तिमाही में नेट लॉस ₹116.55 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में ₹195.68 करोड़ के घाटे के मुकाबले इसमें काफी कमी आई है।





