अडानी के इस शेयर ने लगाई 7% की छलांग, ब्रोकरेज का अनुमान- ₹1800 के पार जाएगा भाव
अडानी पोर्ट्स के शेयर की बात करें तो यह 1313.40 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले करीब 7 पर्सेंट उछलकर 1405 रुपये पर जा पहुंचा। घरेलू ब्रोकरेज मोतीलाल ओसवाल ने शेयर के लिए 1800 रुपये से ज्यादा का टारगेट प्राइस तय किया है।

Adani port share price: सप्ताह के तीसरे दिन बुधवार को शेयर बाजार एक बार फिर से रिकवरी मोड में आ गया। ट्रेडिंग के दौरान गौतम अडानी समूह की कंपनियों के शेयर भी रॉकेट बन गए। अडानी समूह की कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) के शेयर की ही बात करें तो यह 52 हफ्ते हाई के करीब पहुंच गया। वहीं, ब्रोकरेज भी शेयर में तेजी की उम्मीद कर रहे हैं।
क्या है शेयर का हाल?
अडानी पोर्ट्स के शेयर की बात करें तो यह 1313.40 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले करीब 7 पर्सेंट उछलकर 1405 रुपये पर जा पहुंचा। शेयर के 52 वीक हाई की बात करें तो 1,584 रुपये है। इसी, फरवरी महीने में शेयर ने इस स्तर को पार किया है। घरेलू ब्रोकरेज मोतीलाल ओसवाल ने शेयर के लिए 1800 रुपये से ज्यादा का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट पोर्ट ऑपरेटर कंपनी अडानी पोर्ट्स के शेयर, Strait of Hormuz के बंद होने की वजह से नुकसान झेल रहे दूसरे ग्लोबल ऑपरेटरों के मुकाबले लगभग सुरक्षित हैं।
चेक करें टारगेट प्राइस
ब्रोकरेज ने इस शेयर के लिए 1,820 रुपये का प्राइस टारगेट तय किया गया है और इसे खरीदने की सलाह दी गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से पैदा हुए संकट में अडानी पोर्ट्स का जोखिम काफी कम है, क्योंकि कुल वॉल्यूम में लिक्विड कार्गो का हिस्सा 10% से भी कम है। मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि इस श्रेणी में FY25 में कच्चे तेल की हैंडलिंग 6% थी, जो 9MFY26 में घटकर 5% रह गई। वहीं, गैस का वॉल्यूम दोनों ही अवधियों में कुल मिश्रण का एक छोटा सा हिस्सा (2%) ही बना रहा। नतीजतन, अडानी पोर्ट्स पर इसका कुल असर सीमित रहने की उम्मीद है।
अडानी पोर्ट्स को बड़ी सफलता
अडानी पोर्ट्स ने बुधवार को कहा कि उसने 500 मिलियन टन से ज्यादा कार्गो हैंडल करने का आंकड़ा पार कर लिया है। यह भारत की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी के तौर पर उसकी ग्रोथ में एक अहम मील का पत्थर है। यह उपलब्धि कंपनी के 1998 में सिर्फ एक पोर्ट से बढ़कर 19 पोर्ट और टर्मिनल के नेटवर्क तक विस्तार को दिखाती है।
यह भारत के व्यापार और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में उसकी भूमिका को और मजबूत करती है। अडानी पोर्ट्स के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा कि यह मील का पत्थर भारत की ग्रोथ स्टोरी में ग्रुप के लंबे समय के भरोसे और पोर्ट, रेल, सड़क और वेयरहाउसिंग तक फैले एक इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म बनाने पर उसके फोकस को दिखाता है। कंपनी ने कहा कि वह 2030 तक 1 बिलियन टन कार्गो हैंडल करने के अपने लक्ष्य को पाने की राह पर बनी हुई है। इसमें उसके बढ़ते पोर्ट नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स क्षमताओं का साथ मिल रहा है।
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