अडानी के इस शेयर पर दिग्गज ब्रोकरेज फिदा, मुनाफे के लिए खरीदने की दी सलाह
मुख्य बातें
- ब्रोकरेज JM फाइनेंशियल ने अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन पर ‘बाय’ की रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस 1,725 रुपये दिया है
- इसी फरवरी महीने में शेयर 1,584 रुपये तक गया था
- यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है

गौतम अडानी समूह की कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन के शेयर में भले ही सुस्ती हो लेकिन इसको लेकर एक्सपर्ट बुलिश नजर आ रहे हैं। अडानी पोर्ट्स के शेयर को ब्रोकरेज JM फाइनेंशियल ने खरीदें रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस भी तय किया है। आइए डिटेल जान लेते हैं।
क्या है टारगेट प्राइस?
ब्रोकरेज JM फाइनेंशियल ने अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन पर ‘बाय’ की रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस 1,725 रुपये दिया है। वर्तमान में यह शेयर 1448 रुपये के स्तर पर है। इसी फरवरी महीने में शेयर 1,584 रुपये तक गया था। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है। शेयर के 52 हफ्ते के लो की बात करें तो 1,111.60 रुपये है।
क्या कहा ब्रोकरेज ने?
ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में 500 मिलियन मीट्रिक टन से ज्यादा कार्गो संभाला है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से जुड़ी रुकावटों के बावजूद, कंपनी अपने पहले के अनुमान के लगभग करीब पहुंच गई है। हालांकि कंटेनर व्यापार और समुद्री ऑपरेशंस पर कुछ दबाव देखा गया है, लेकिन ट्रांसशिपमेंट की मात्रा और कार्गो के अलग-अलग सेगमेंट्स में विस्तार ने इस असर को कम करने में मदद की है। ब्रोकरेज ने कहा- हमारा मानना है कि अडानी पोर्ट्स ट्रांसशिपमेंट की मात्रा से संभावित रूप से इसकी भरपाई करने में कामयाब रहा है।
कैसे रहे तिमाही नतीजे?
नतीजे की बात करें तो अभी मार्च तिमाही के नतीजे नहीं आए हैं। दिसंबर तिमाही में अडानी पोर्ट्स का नेट प्रॉफिट 21.2 प्रतिशत बढ़कर 3,053 करोड़ रुपये हो गया। यह बढ़ोतरी कंपनी द्वारा हैंडल किए गए कार्गो में हुई वृद्धि के कारण, उसके घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स और मरीन वर्टिकल्स से हुई कमाई की वजह से हुई।
कंपनी की घरेलू पोर्ट्स से एबिटा से होने वाली कमाई 14.59 प्रतिशत बढ़कर 4,877 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, अंतर्राष्ट्रीय पोर्ट्स से यह 103 प्रतिशत बढ़कर 236 करोड़ रुपये हो गई। इसके अलावा, लॉजिस्टिक्स से 26.08 प्रतिशत बढ़कर 203 करोड़ रुपये हो गई। दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी करते हुए अडानी समूह की इस कंपनी ने बताया था कि 31 दिसंबर 2025 तक इसका नेट डेब्ट यानी कर्ज 41,290 करोड़ रुपये था। इसका नेट डेब्ट टू इक्विटी रेश्यो 1.9 गुना था। इसके अलावा, कंपनी ने 11,807 करोड़ रुपये का कैश प्लस बताया था। दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी करते हुए अडानी पोर्ट्स ने बताया था कि वित्त वर्ष के लिए अपने कैपेक्स और पोर्ट कार्गो वॉल्यूम के अनुमान को क्रमशः 11,000–12,000 करोड़ रुपये और 505–515 MMT पर रखा है।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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