
1280 रुपये के पार जा सकता है अडानी का यह शेयर, विदेशी ब्रोकरेज ने कहा- खरीद लो
Adani green energy share: ब्रोकरेज फर्म ने अडानी ग्रीन एनर्जी पर 'बाय' कॉल दी है और 1289 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ इसमें तेजी की संभावना देखी है। शेयर के 52 हफ्ते का हाई 1250 रुपये और 52 हफ्ते का लो 758 रुपये है।
Adani green energy share: गौतम अडानी समूह की कंपनी- अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर बुधवार को सुस्त नजर आए लेकिन इसको लेकर एक्सपर्ट बुलिश हैं। सप्ताह के तीसरे दिन बुधवार को अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर करीब एक पर्सेंट टूटकर 990 रुपये के स्तर पर आ गए। हालांकि, ब्रोकरेज जेएम फाइनेंशियल शेयर पर पॉजिटिव है। ब्रोकरेज फर्म ने अडानी ग्रीन एनर्जी पर 'बाय' कॉल दी है और 1289 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ इसमें तेजी की संभावना देखी है। शेयर के 52 हफ्ते का हाई 1250 रुपये और 52 हफ्ते का लो 758 रुपये है।
अडानी ग्रीन एनर्जी की ब्लॉक डील
हाल ही में अडानी ग्रीन एनर्जी ने एक ब्लॉक डील की है। इसके तहत टोटल एनर्जीज ने कंपनी में 1.4% हिस्सेदारी 2,178 करोड़ रुपये में बेची। खबरों के अनुसार, 2.24 करोड़ शेयरों का ट्रांजैक्शन 970 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर हुआ। इस ट्रांजैक्शन में लगभग 2.47 करोड़ शेयरों की बिक्री 970 रुपये प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य पर होनी थी, जिससे लगभग 2,400 करोड़ रुपये का सौदा बनता। एक्सचेंज की वेबसाइटों पर उपलब्ध शेयरधारिता पैटर्न के अनुसार, टोटल एनर्जीज अपनी दो सहायक कंपनियों- टोटल एनर्जीज रिन्यूएबल्स इंडियन ओशन लिमिटेड और टोटल एनर्जीज सोलर विंड इंडियन ओशन लिमिटेड के माध्यम से हिस्सेदारी रखती है।
अडानी समूह का प्लान
बंदरगाह से लेकर ऊर्जा क्षेत्र में फैले अडानी समूह की अगले छह वर्षों में भारत में 12 लाख करोड़ रुपये तक निवेश करने की योजना है। समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुनियादी ढांचे, खनन, नवीकरणीय ऊर्जा और बंदरगाहों समेत अन्य क्षेत्रों में बड़ा निवेश किया जाएगा। अडानी ने कहा कि निवेश की अपार संभावनाएं हैं। हम अगले छह साल में भारत में 10 से 12 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेंगे। बता दें कि समूह गुजरात के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क बना रहा है, जो 520 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। वर्ष 2030 तक पूरी क्षमता पर इस पार्क से 30 गीगावॉट हरित ऊर्जा उत्पन्न होने की उम्मीद है, जो प्रति वर्ष छह करोड़ से अधिक घरों को बिजली देने के बराबर होगी।





