
टाटा, आईटीसी और ओबेरॉय...अडानी के इस प्लान से सबकी बढ़ेगी टेंशन
हालांकि, इतनी बड़ी होटल योजना के बावजूद अडानी समूह इसे अलग कंपनी के रूप में सूचीबद्ध करने की फिलहाल कोई योजना नहीं रखता। समूह ने यह भी कहा है कि एयरपोर्ट व रियल एस्टेट कारोबार के साथ ही इसका संचालन किया जाएगा।
भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में गौतम अडानी समूह की एंट्री होने वाली है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक यह समूह देश के सबसे बड़े होटल पोर्टफोलियो में से एक बनाने की योजना पर काम कर रहा है। यह योजना हकीकत में बदल जाती है तो अडानी समूह की सीधी टक्कर टाटा ग्रुप के ताज, आईटीसी होटल्स और ओबेरॉय जैसे स्थापित होटल समूहों से होगी।
क्या है पूरा प्लान?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार अडानी समूह पूरे भारत में 60 से ज्यादा होटल बनाने की योजना बना रहा है, जो मुख्य रूप से उसके द्वारा संचालित एयरपोर्ट और उसके नियंत्रण वाले बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स से जुड़े होंगे। ये होटल बड़े पैमाने पर इन-हाउस विकसित किए जाएंगे। अडानी ग्रुप के डायरेक्टर जीत अडानी के अनुसार अकेले पोर्टफोलियो का आकार ही इसे देश के सबसे बड़े पोर्टफोलियो में से एक बना देगा।
नवी मुंबई होगा केंद्र में
अडानी समूह के इस हॉस्पिटैलिटी विस्तार के केंद्र में नवी मुंबई है। यहां अडानी समूह एक नया इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आसपास की बड़ी जमीन पर रियल एस्टेट डेवलप कर रहा है। अकेले नवी मुंबई में ही लगभग 15 होटल प्लान किए गए हैं, जो इस बड़े प्लान और इस क्षेत्र में बिजनेस ट्रैवल, इवेंट्स और छुट्टियों के लिए भविष्य की डिमांड को लेकर ग्रुप के भरोसे को दिखाता है। अपने खुद के ब्रांड के तहत होटल चलाने के बजाय अडान समूह इन प्रॉपर्टीज को मैनेज करने के लिए इंटरनेशनल होटल ऑपरेटर्स के साथ टाई-अप की योजना बना रहा है।
अडानी समूह एयरपोर्ट्स के आसपास रिटेल, फूड एंड बेवरेज, कन्वेंशन सेंटर्स और एंटरटेनमेंट सुविधाएं विकसित करना चाहता है, जिससे एयरोनॉटिकल रेवेन्यू पर निर्भरता कम हो। फिलहाल एयरपोर्ट आय का करीब आधा हिस्सा एयरोनॉटिकल सेवाओं से आता है, जिसे भविष्य में घटाकर करीब 10 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। अडानी ग्रुप कन्वेंशन और इवेंट इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बड़ा दांव लगा रहा है। मुंबई में एक बड़े कन्वेंशन सेंटर और नवी मुंबई में 25 हजार सीटों वाले एरिना की योजना है। इसके अलावा, सहारा ग्रुप की 88 परिसंपत्तियों और जयप्रकाश ग्रुप के कुछ होटलों के अधिग्रहण में भी समूह की दिलचस्पी है।





