₹3 से भी कम का शेयर, कंपनी के अडानी खरीदार, अब NCLT ने दी हरी झंडी
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने जयप्रकाश एसोसिएट्स के लिए अडानी एंटरप्राइजेज की समाधान योजना को मंजूरी दे दी है। जयप्रकाश एसोसिएट्स के शेयर मंगलवार को 2.41 रुपये पर बंद हुए। यह शेयर एक दिन पहले की क्लोजिंग के मुकाबले 4.74% टूटकर बंद हुआ।

गौतम अडानी समूह की कंपनी- अडानी एंटरप्राइजेज को बड़ी सफलता मिली है। दरअसल, राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने जयप्रकाश एसोसिएट्स के लिए अडानी एंटरप्राइजेज की समाधान योजना को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी 17 मार्च, 2026 को मौखिक आदेश के माध्यम से घोषित की गई थी। कंपनी लिखित आदेश जारी होने के बाद विस्तृत जानकारी देगी। इस खबर के बीच जयप्रकाश एसोसिएट्स के शेयर मंगलवार को 2.41 रुपये पर बंद हुए। यह शेयर एक दिन पहले की क्लोजिंग के मुकाबले 4.74% टूटकर बंद हुआ। बता दें कि शेयर के 52 हफ्ते का लो 2.30 रुपये है। शेयर के 52 हफ्ते का हाई 4.32 रुपये है।
अडानी एंटरप्राइजेज है सफल बोलीदाता
अडानी एंटरप्राइजेज को इस संकटग्रस्त इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल कंपनी के लिए सफल बोलीदाता के रूप में चुना गया था। रेजोल्यूशन योजना को कंपनी स्वयं, अपनी समूह कंपनियों या विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) के माध्यम से लागू कर सकती है। आपको बता दें कि 19 नवंबर 2025 को कर्जदाताओं की समिति ने अडानी एंटरप्राइजेज की योजना को मंजूरी दी थी। कंपनी को उसी दिन रेजोल्यूशन प्रोफेशनल की ओर से लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) भी प्राप्त हुआ था।
जयप्रकाश एसोसिएट्स के मुताबिक इस योजना के तहत मौजूदा शेयरधारकों को कोई भुगतान नहीं मिलेगा। कंपनी के अनुसार, सफल रेजोल्यूशन आवेदक के आकलन में लिक्विडेशन वैल्यू इतनी कम है कि वह सुरक्षित कर्जदाताओं के दावों को भी पूरी तरह पूरा नहीं कर सकती। ऐसे में डीलिस्टिंग प्रक्रिया के तहत शेयरधारकों के लिए एग्जिट प्राइस ‘शून्य’ तय किया गया है।
कंपनी के बारे में
जयप्रकाश एसोसिएट्स की बात करें तो यह जेपी समूह की प्रमुख कंपनी है। वर्तमान में इस पर ऋणदाताओं का लगभग 55,000 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसमें राष्ट्रीय परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी (एन.ए.सी.) सबसे बड़ा लेनदार है। इसे जून 2024 में दिवालियापन की कार्यवाही में शामिल किया गया था और इसका प्रबंधन डेलॉयट के समाधान पेशेवर भुवन मदन द्वारा किया जाता है। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, जयप्रकाश एसोसिएट्स के लिए बोली लगाने वालों की होड़ में अडानी, वेदांता, डालमिया भारत, नवीन जिंदल की जिंदल पावर और पीएनसी इंफ्राटेक सहित पांच बोलीदाता शामिल थे। डालमिया भारत ने शुरू में बढ़त बनाई थी लेकिन बाद में हुई इलेक्ट्रॉनिक नीलामी में भाग नहीं लिया। शेयरहोल्डिंग पैटर्न की बात करें तो प्रमोटर्स के पास 30.12 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं, पब्लिक शेयरहोल्डिंग 69.88 फीसदी की है। पब्लिक शेयरहोल्डिंग में आईसीआईसीआई बैंक के पास 7.71 फीसदी हिस्सेदारी या 18,93,16,882 शेयर हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों के पास 21,02,86,693 शेयर या 8.57 फीसदी हिस्सेदारी है।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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