
अडानी की कंपनी ने लॉन्च किया राइट इश्यू, डिस्काउंट पर जारी किए जाएंगे शेयर
अडानी समूह की कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज में करीब 74 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले प्रवर्तक ने पुष्टि की है कि वह अपनी पूरी हिस्सेदारी खरीदेंगे। इश्यू प्राइस पर कंपनी का मूल्यांकन करीब दो लाख करोड़ रुपये होगा।
Adani Enterprises rights issue: उद्योगपति गौतम अडानी के समूह की मुख्य कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने मंगलवार को भारत के सबसे बड़े राइट इश्यू में से एक को सब्सक्रिप्शन के लिए खोला। इसमें एक शेयर की कीमत 1,800 रुपये रखी गई है, जो मंजूरी तारीख के भाव से करीब 24 प्रतिशत कम है। बता दें कि अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर मंगलवार को 2.71% टूटकर 2333.70 रुपये पर बंद हो गए।

राइट इश्यू की डिटेल
कंपनी के राइट इश्यू दस्तावेज के अनुसार पूरी तरह भरने पर इश्यू का कुल आकार 24,930.30 करोड़ रुपये होगा। इसमें 13.85 करोड़ से अधिक नए शेयर जारी किए जाएंगे। यह इश्यू 10 दिसंबर को बंद होगा। राइट इश्यू कंपनी द्वारा अपने मौजूदा शेयरधारकों को नए शेयर जारी करने की एक प्रक्रिया है, जिसमें कंपनी उन्हें यह अधिकार देती है कि वे अपने मौजूदा शेयरों के अनुपात में नए शेयर खरीद सकते हैं। इस इश्यू में हर 25 इक्विटी शेयरों पर तीन राइट इक्विटी शेयर दिए जा रहे हैं। यह पेशकश सभी पात्र शेयरधारकों के लिए खुली है। कंपनी में करीब 74 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले प्रवर्तक ने पुष्टि की है कि वह अपनी पूरी हिस्सेदारी खरीदेंगे। इश्यू प्राइस पर कंपनी का मूल्यांकन करीब दो लाख करोड़ रुपये होगा।
कितना बड़ा है एयरपोर्ट कारोबार
विश्लेषकों के अनुसार अडानी एंटरप्राइजेज का एयरपोर्ट कारोबार (भारत का सबसे बड़ा हवाईअड्डा नेटवर्क) दो लाख करोड़ से 2.5 लाख करोड़ रुपये है। कुछ अनुमानों में इसे तीन लाख करोड़ रुपये तक बताया गया है। बता दें कि राइट इश्यू से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल हवाईअड्डा, डेटा सेंटर, हरित हाइड्रोजन, सड़क, पीवीसी और कॉपर स्मेल्टिंग, खनन, डिजिटल और मीडिया क्षेत्रों में जारी परियोजनाओं के लिए किया जाएगा। कुछ हिस्सा कर्ज चुकाने के लिए भी इस्तेमाल होगा।
समूह का पहली छमाही में प्रदर्शन
अडानी समूह की कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में मजबूत प्रदर्शन किया है। पहली छमाही में 67,870 करोड़ रुपये (7.6 अरब अमेरिकी डॉलर) का निवेश किया जिससे उसकी सकल परिसंपत्तियां 6.77 लाख करोड़ रुपये (76 अरब अमेरिकी डॉलर) हो गईं। वह 1.5 लाख करोड़ रुपये के अपने पूरे साल के पूंजीगत व्यय के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।





