US में कानूनी विवाद खत्म...अब विदेश से लोन लेने की तैयारी में अडानी की कंपनी

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मुख्य बातें

  • अमेरिकी कानूनी विवादों से राहत मिलने के बाद अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड का पहला बड़ा विदेशी कर्ज जुटाने का प्रयास होगा
  • अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर की बात करें तो बुधवार को एक पर्सेंट टूटकर 1470 रुपये के नीचे आ गया
US में कानूनी विवाद खत्म...अब विदेश से लोन लेने की तैयारी में अडानी की कंपनी

कानूनी पचड़े से बाहर आने के बाद अडानी समूह की कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड विदेश से लोन लेने की तैयारी में है। इसके जरिए अडानी ग्रीन एनर्जी 1 अरब डॉलर तक जुटाने की योजना बना रही है। ब्लूमबर्ग की एक खबर में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि अडानी ग्रीन एनर्जी डॉलर में लोन लेने के लिए लेंडर्स और एडवाइजर्स के साथ शुरुआती बातचीत कर रही है। यह लोन अगले तीन महीनों में दो किस्तों में लिया जा सकता है। बता दें कि अमेरिकी कानूनी विवादों से राहत मिलने के बाद कंपनी का पहला बड़ा विदेशी कर्ज जुटाने का प्रयास होगा। पिछले महीने गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर ने US सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन के आरोपों को निपटाने के लिए 1.8 करोड़ डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई थी। इन आरोपों में कहा गया था कि उन्होंने अडानी ग्रीन एनर्जी के बारे में गलत और भ्रामक जानकारी दी थी।

कितने साल के लिए लोन

यह लोन पांच साल की अवधि का होगा और इसकी ब्याज दर ग्लोबल बेंचमार्क SOFR (सिक्योर्ड ओवरनाइट फाइनेंसिंग रेट) के ऊपर तय की जाएगी। बताया जा रहा है कि इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपनी विभिन्न जरूरतों, खासकर कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) और रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं के विस्तार में करेगी। हालांकि, बातचीत अभी शुरुआती स्तर पर है और अंतिम शर्तों में बदलाव संभव है। अडानी एनर्जी के प्रवक्ता ने टिप्पणी के लिए भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं दिया है।

अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर

अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर की बात करें तो बुधवार को एक पर्सेंट टूटकर 1470 रुपये के नीचे आ गया। बता दें कि शेयर 23 जनवरी 2026 को 767 रुपये के निचले स्तर पर था। 9 जून 2026 को अडानी ग्रीन एनर्जी 1,544.70 रुपये पर आ गया। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है।

बर्नस्टीन का अडानी ग्रीन को लेकर अनुमान

हाल ही में ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने अपनी रिपोर्ट में समूह की चार प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों- अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशन इकॉनमिक जोन, अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी पावर और अंबुजा सीमेंट का विश्लेषण किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2023 में सामने आए शॉर्ट-सेलर विवाद और बाद में अमेरिका में शुरू हुई जांच के कारण कई विदेशी निवेशकों और वैश्विक कोषों ने अडानी समूह से दूरी बना ली थी।

हालांकि, अब अमेरिकी मामलों में राहत मिलने के बाद निवेशकों का भरोसा लौटता दिखाई दे रहा है। बर्नस्टीन ने कहा कि अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) से जुड़े मामले के समाधान और अमेरिकी अभियोजकों द्वारा समूह के खिलाफ आरोप हटाने की प्रक्रिया ने समूह के शेयरों पर बना बड़ा दबाव कम कर दिया है।

Deepak Kumar

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हिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।

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