सैलरी हाइक के साथ अलग से कैश…इस कंपनी ने पेश किया वेतन बढ़ाने का नया मॉडल; कर्मचारियों की लगी लॉटरी
मुख्य बातें
- एक्सेंचर (Accenture) ने कर्मचारियों के लिए सैलरी बढ़ाने का नया मॉडल लागू किया है
- अब वेतन वृद्धि का एक हिस्सा बेसिक सैलरी में जोड़ा जाएगा, जबकि दूसरा हिस्सा एकमुश्त (Lump Sum) भुगतान के रूप में मिलेगा
- कंपनी का कहना है कि इससे कर्मचारियों को ज्यादा वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा

अगर आप आईटी सेक्टर में काम करते हैं या एक्सेंचर (Accenture) जैसी बड़ी टेक कंपनी की नीतियों पर नजर रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। वैश्विक IT कंपनी एक्सेंचर (Accenture) ने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने के तरीके में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब केवल बेसिक सैलरी बढ़ाने के बजाय वेतन वृद्धि को दो हिस्सों में बांटेगी, यानी कर्मचारियों को एक हिस्सा उनकी बेसिक सैलरी में जोड़कर मिलेगा, जबकि दूसरा हिस्सा एकमुश्त (Lump Sum) भुगतान के रूप में दिया जाएगा। कंपनी का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ देना है, साथ ही कंपनी के कुल पेरोल खर्च को भी संतुलित रखना है।
दरअसल, पिछले साल एक्सेंचर (Accenture) ने सीमित संख्या में कर्मचारियों को "स्टे-एट-लेवल" सैलरी हाइक दी थी, जिससे कई कर्मचारियों में निराशा थी। इस बार कंपनी ने अपनी रणनीति बदलते हुए ज्यादा कर्मचारियों तक वेतन वृद्धि पहुंचाने का फैसला किया है। कंपनी के आंतरिक दस्तावेज के अनुसार, जून 2026 के मुख्य वेतन संशोधन चक्र में यह नया मॉडल लागू किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत किसी कर्मचारी को मिलने वाली कुल वेतन वृद्धि का फैसला टैलेंट लीड और ग्रुप लीड करेंगे। इसके बाद उस बढ़ोतरी को बराबर-बराबर दो हिस्सों में बांट दिया जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी की सैलरी में 3% बढ़ोतरी तय होती है, तो उसमें से 1.5% उसकी बेसिक सैलरी में जुड़ जाएगा, जबकि बाकी 1.5% राशि उसे एकमुश्त भुगतान के रूप में मिलेगी। इससे कर्मचारी को तुरंत अतिरिक्त नकद राशि भी मिलेगी और उसकी नियमित सैलरी में भी बढ़ोतरी होगी।
कंपनी का मानना है कि कई कर्मचारी तुरंत कैश मिलने को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे में यह मॉडल कर्मचारियों की जरूरतों और कंपनी की वित्तीय रणनीति, दोनों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास है। साथ ही बेसिक सैलरी में कम प्रतिशत जोड़ने से कंपनी भविष्य के स्थायी पेरोल खर्च को भी कंट्रोल रख पाएगी और अधिक कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ दे सकेगी।
हालांकि, यह नया 50:50 मॉडल सभी कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। जिन कर्मचारियों को प्रमोशन मिलेगा, उनकी पूरी वेतन वृद्धि केवल बेसिक सैलरी में ही जोड़ी जाएगी, यानी प्रमोशन पाने वालों को अलग से लंपसम भुगतान नहीं मिलेगा। इसके अलावा कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि जून में मिलने वाला यह एकमुश्त भुगतान दिसंबर में दिए जाने वाले सालाना बोनस का विकल्प नहीं है। कर्मचारियों को दिसंबर में मिलने वाला बोनस पहले की तरह जारी रहेगा।
एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि बेसिक सैलरी में हुई बढ़ोतरी और लंपसम भुगतान, दोनों को कर्मचारी की वार्षिक कमाई का हिस्सा माना जाएगा। इसका मतलब है कि वित्त वर्ष 2026 के बोनस का कैलकुलेशन करते समय इन दोनों राशियों को शामिल किया जाएगा। वहीं, जो कर्मचारी कंपनी के VEIP (Voluntary Equity Investment Program) या ESPP (Employee Share Purchase Plan) का हिस्सा हैं, उनके लंपसम भुगतान पर भी सामान्य नियमों के अनुसार कटौती लागू होगी।
एक्सेंचर (Accenture) की यह नई सैलरी रणनीति दिखाती है कि कंपनियां बदलते आर्थिक माहौल में कर्मचारियों को बेहतर अनुभव देने और लागत नियंत्रण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं। आने वाले समय में दूसरी IT कंपनियां भी इस तरह के मॉडल अपनाती हैं या नहीं, इस पर सभी की नजर रहेगी।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
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हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
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ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
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