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बायजू को 25 करोड़ रुपये के शेयर आवंटन पर रोक, आकाश के राइट इश्यू का है मामला

बायजू को 25 करोड़ रुपये के शेयर आवंटन पर रोक, आकाश के राइट इश्यू का है मामला

संक्षेप:

इस महीने की शुरुआत में न्यायालय ने भी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड के सबसे बड़े लेनदार अमेरिकी कंपनी ग्लास ट्रस्ट की याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद आकाश को ईजीएम करके राइट इश्यू लाने की मंजूरी मिल गई।

Nov 28, 2025 07:05 pm ISTDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) ने बायजू की पैरेंट कंपनी- थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड (टीएलपीएल) को 25 करोड़ रुपये के राइट इश्यू में शेयर आवंटन रोक दिया है। कंपनी के मुताबिक ऐसा लगता है कि टीएलपीएल ने जमा किए 25 करोड़ रुपये फेमा नियमों, एक्सर्टनल कॉमर्शियल उधारी (ईसीबी) दिशानिर्देशों और कंपनी कानून का उल्लंघन करके जुटाए हैं। आकाश ने वर्किंग कैपिटल जरूरतों और संचालन के लिए 100 करोड़ रुपये का राइट इश्यू निकाला था।

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मणिपाल समूह को 58 करोड़ रुपये के शेयर अलॉट

कंपनी ने कहा कि बोर्ड ने मणिपाल समूह और बीयर इन्वेस्टको प्राइवेट लिमिटेड को क्रमशः 58 करोड़ और 16 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित कर दिए। इन दोनों निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी (58.8 प्रतिशत और 16 प्रतिशत) के अनुपात में पैसा लगाया। टीएलपीएल आकाश में करीब 25.7 प्रतिशत हिस्सा रखती है और उसका आवंटन बेंगलुरु एनसीएलटी के फैसले तक रोक दिया गया है। टीएलपीएल इस समय कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) से गुजर रही है। उसने एनसीएलटी, एनसीएलएटी और उच्चतम न्यायालय में राइट इश्यू को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन असफल रही। इस महीने की शुरुआत में न्यायालय ने भी टीएलपीएल के सबसे बड़े लेनदार अमेरिकी कंपनी ग्लास ट्रस्ट की याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद आकाश को ईजीएम करके राइट इश्यू लाने की मंजूरी मिल गई।

बायजू की एनसीएलएटी के आदेश के खिलाफ दायर याचिका खारिज

इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के फैसले को चुनौती देने वाली बायजू रवींद्रन की याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। एनसीएलटी ने 17 अप्रैल के अपने फैसले में बायजू कंपनी और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के बीच ऋण निपटाने संबंधी हुए समझौते को कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (सीओसी) से पहले का निपटान (प्री-सीओसी सेटलमेंट) मानने से इनकार कर दिया गया था। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने एनसीएलएटी में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया।

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दीपक कुमार, हिन्दुस्तान डिजिटल में बिजनेस की खबरें लिखते हैं। वह स्टॉक मार्केट, यूटिलिटी समेत बिजनेस सेक्शन से जुड़ी हर खबरों की ना सिर्फ समझ रखते हैं, बल्कि आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। दीपक की बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी जबरदस्त पकड़ है। उन्हें बेहतरीन काम की सराहना मिलती रही है और सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से सीवान (बिहार) के रहने वाले दीपक के पास करीब 11 साल का अनुभव है। करियर की बात करें तो अमर उजाला से शुरू हुआ सफर दैनिक भास्कर,आजतक, इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप होते हुए हिन्दुस्तान डिजिटल तक पहुंच चुका है। फिलहाल, वह हिन्दुस्तान डिजिटल में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए हिमाचल यूनिवर्सिटी चले गए। दीपक सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं। उन्हें नई-नई तकनीक से रूबरू होना अच्छा लगता है। खाली वक्त में फिल्में देखना या क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं। और पढ़ें
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