बैंक ने होम लोन क्यों कर दिया रिजेक्ट! ₹10000 करोड़ की कंपनी, CIBIL स्कोर भी 800 से ज्यादा

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मुख्य बातें

  • होम लोन रिजेक्ट होने का यह मामला चौंकाने वला है
  • वह भी तब जब अप्लाई करने वाला व्यक्ति करीब 10 हजार करोड़ रुपये की वैल्यू वाली एक फिनटेक कंपनी का संस्थापक हो
  • क्रेडिट स्कोर भी 800 से अधिक हो और बैंक उसे टॉप फिनटेक इनोवेटर के रूप में सम्मानित कर चुका हो
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1.2 अरब डॉलर (करीब 10 हजार करोड़ रुपये) की वैल्यू वाली एक फिनटेक कंपनी के संस्थापक को बैंक ने होम लोन देने से मना कर दिया। भारतीय संस्थापक ने बताया कि उनका होम लोन इसलिए रिजेक्ट हो गया क्योंकि बैंक फाउंडर्स को 'हाई रिस्क' वाली कैटेगरी में रखता है।

प्रवीण जाधव रेज फाइनेंशियल सर्विसेज के संस्थापक और सीईओ हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस विडंबना पर चुटकी ली। उन्होंने लिखा कि जिस बैंक ने उनका लोन ठुकराया, उसी बैंक ने कुछ समय पहले उन्हें टॉप फिनटेक इनोवेटर के रूप में सम्मानित किया था।

जाधव ने अपनी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में लिखा,"फाउंडर की जिंदगी मुश्किल है! मेरा होम लोन आवेदन एक बड़े निजी बैंक ने ठुकरा दिया। सिर्फ इसलिए क्योंकि मैं एक संस्थापक हूं।"

यूनिकॉर्न क्लब में शामिल है कंपनी

अक्टूबर 2025 में, रेज, जो स्टॉक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म 'वेल्थ' की मूल कंपनी है, ने हॉर्नबिल कैपिटल के नेतृत्व में सीरीज बी फंडिंग राउंड में 120 मिलियन डॉलर (करीब 1,000 करोड़ रुपये) जुटाए। इस फंडिंग के बाद मुंबई स्थित इस फिनटेक कंपनी का मूल्यांकन 1.2 अरब डॉलर हो गया, जिससे यह 'यूनिकॉर्न' क्लब में शामिल हो गई।

रेज के तीन को-फाउंडर्स में से एक होने के नाते, जाधव के पास उद्यमी के तौर पर कई उपलब्धियां हैं, फिर भी बैंक ने उन्हें 'हाई रिस्क' वाला कर्जदार माना। अपनी विश्वसनीयता साबित करने के लिए, रेज फाइनेंशियल सर्विसेज के संस्थापक ने एक्स पर अपनी योग्यताएं गिनानी शुरू कीं।

उन्होंने बताया कि वह इस बैंक के 25 साल से ज्यादा पुराने ग्राहक हैं। संपत्ति के मामले में, जाधव ने कहा कि वह शायद बैंक के शीर्ष 0.1% ग्राहकों में आते हैं। उन्होंने कहा, "इस बैंक के साथ लोन की राशि का 5-6 गुना संबंध (जमा/निवेश) है।" और उनका CIBIL स्कोर 800 से ज्यादा है, जो बहुत अच्छा माना जाता है। इन सबके बावजूद, बड़े निजी बैंक ने उनका होम लोन आवेदन ठुकरा दिया।

'इसी बैंक ने मुझे सम्मानित भी किया था'

मुंबई के इस संस्थापक ने हल्के-फुल्के अंदाज में लिखा,"और विडंबना यह है कि इसी बैंक ने मुझे टॉप फिनटेक इनोवेटर या ऐसा ही कुछ कहकर सम्मानित किया था.." ।उन्होंने अपनी पोस्ट का अंत दुखद मजाक के साथ किया, कहा कि उनके कर्मचारियों के होम लोन आवेदन तो मंजूर हो सकते हैं, लेकिन उन्हें तो जीवन भर ऑफिस में ही रहना पड़ेगा।

जाधव ने चुटकी ली, "वे हमारी कंपनी के कर्मचारियों को लोन दे सकते हैं, लेकिन मुझे नहीं, क्योंकि संस्थापक होने के नाते मैं 'हाई रिस्क' कैटेगरी में हूं। लगता है ऑफिस में ही रहना पड़ेगा जिंदगी भर..." । हालांकि, जाधव ने अपनी पोस्ट में बैंक के नाम का जिक्र नहीं किया है।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें

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