केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर, खुल गया है 8वें वेतन आयोग का पोर्टल
आयोग ने कर्मचारियों, पेंशनरों, सेवा संगठनों और विभिन्न सरकारी विभागों से कहा है कि वे अपने सुझाव और मांगें ऑनलाइन भेज सकते हैं। इसके लिए 5 मार्च 2026 से पोर्टल खुल चुका है और 30 अप्रैल 2026 तक सुझाव जमा किए जा सकेंगे।

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी खबर है। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) ने वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े सुधारों पर सुझाव मांगने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग ने कर्मचारियों, पेंशनरों, सेवा संगठनों और विभिन्न सरकारी विभागों से कहा है कि वे अपने सुझाव और मांगें ऑनलाइन भेज सकते हैं। इसके लिए 5 मार्च 2026 से पोर्टल खुल चुका है और 30 अप्रैल 2026 तक सुझाव जमा किए जा सकेंगे।
क्या है डिटेल
आयोग की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। कर्मचारी या संगठन अपनी बात 8cpc.gov.in और innovateindia.mygov.in पोर्टल के जरिए भेज सकते हैं। इसके लिए यूजर को MyGov अकाउंट में लॉग-इन करना होगा, जो ई-मेल या मोबाइल नंबर के साथ OTP या पासवर्ड के जरिए किया जा सकता है। आयोग ने साफ किया है कि पोर्टल के बाहर भेजे गए ई-मेल, कागजी मेमोरेंडम या PDF फाइलों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस प्रक्रिया में कई तरह के हितधारकों को शामिल किया गया है। इनमें केंद्र सरकार के औद्योगिक और गैर-औद्योगिक कर्मचारी, ऑल इंडिया सर्विसेज के अधिकारी, रक्षा बलों के सदस्य, केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी, भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, सुप्रीम कोर्ट और कुछ हाई कोर्ट के स्टाफ, संसद के कानूनों के तहत बने नियामक निकायों के कर्मचारी और पेंशनर संगठन शामिल हैं। आयोग का कहना है कि इन सुझावों से कर्मचारियों और पेंशनरों की अपेक्षाओं और समस्याओं को समझने में मदद मिलेगी।
चार अलग-अलग कैटेगरी
ऑनलाइन पोर्टल पर सुझाव देने के लिए चार अलग-अलग कैटेगरी बनाई गई हैं। इंडिविजुअल/एम्प्लॉयी/पेंशनर श्रेणी में कोई भी कर्मचारी या पेंशनर अपनी व्यक्तिगत राय दे सकता है। एसोसिएशन/यूनियन श्रेणी में कर्मचारी संगठनों की सामूहिक मांगें जमा होंगी। वहीं मंत्रालय/विभाग/केंद्र शासित प्रदेश श्रेणी में सरकारी विभागों के नामित नोडल अधिकारी आधिकारिक ई-मेल से सुझाव भेजेंगे। इसके अलावा ज्यूडिशियल ऑफिसर्स के लिए भी अलग श्रेणी बनाई गई है।
लाखों कर्मचारियों को फायदा
दरअसल, 8वां वेतन आयोग करीब 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 67 लाख पेंशनरों की सैलरी, भत्तों और पेंशन ढांचे को तय करेगा। इसलिए यह परामर्श प्रक्रिया आयोग की रिपोर्ट तैयार करने से पहले का अहम चरण माना जा रहा है। कर्मचारियों और उनके संगठनों की मांगें आने के बाद आयोग इनका अध्ययन करेगा और फिर सरकार को अपनी सिफारिशें देगा।
12 प्रमुख मांगें
इसी बीच कर्मचारी संगठनों ने भी अपनी मांगें रखनी शुरू कर दी हैं। AITUC ने आयोग के सामने 12 प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें 3.0 फिटमेंट फैक्टर, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर कम से कम 6% करने और डीए की गणना का नया फॉर्मूला शामिल है। इसके अलावा लीव एनकैशमेंट की सीमा 300 दिन से बढ़ाकर 450 दिन करने, कैशलेस मेडिकल सुविधा, मासिक धर्म अवकाश, ज्यादा पितृत्व अवकाश और जोखिम भत्ते बढ़ाने जैसी मांगें भी रखी गई हैं। यूनियन ने सरकार से करीब 15 लाख खाली पदों को नियमित भर्ती से भरने की भी मांग की है।
लेखक के बारे में
Varsha Pathakवर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
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