15 नहीं, 11 साल में होगी कम्यूटेड पेंशन की बहाली? 8वें वेतन आयोग में होगा बदलाव!कर्मचारियों के लिए खबर
जनवरी 2025 में आयोग की घोषणा के बाद सरकार ने एनसी जेसीएम स्टाफ साइड से सुझाव भी मांगे थे। मार्च 2025 में परिषद ने एक विस्तृत चार्टर सरकार को सौंपा था, जिसमें कम्यूटेड पेंशन की बहाली अवधि 15 साल से घटाकर 11 साल करने की प्रमुख मांग शामिल थी।

8th Pay Commission: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड), जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (JCM) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक डिटेल पत्र लिखकर 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) में मौजूद 'अनियमितताओं और गंभीर कमियों' की ओर ध्यान आकर्षित किया है। बता दें कि केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग के ToR अधिसूचित किए थे। जनवरी 2025 में आयोग की घोषणा के बाद सरकार ने एनसी जेसीएम स्टाफ साइड से सुझाव भी मांगे थे। मार्च 2025 में परिषद ने एक विस्तृत चार्टर सरकार को सौंपा था, जिसमें कम्यूटेड पेंशन की बहाली अवधि 15 साल से घटाकर 11 साल करने की प्रमुख मांग शामिल थी।
पेंशन से जुड़ी बड़ी मांगें
अपने पत्र में एनसी जेसीएम स्टाफ साइड ने कहा है कि लाखों कर्मचारियों को उम्मीद थी कि 8वें वेतन आयोग में पेंशन से जुड़ी राहत अवश्य मिलेगी। इस संदर्भ में परिषद ने प्रधानमंत्री मोदी से निम्नलिखित पेंशन संबंधी उपाय ToR में शामिल करवाने का अनुरोध किया है-
पेंशन पर सुझाव:
1. कम्यूटेड पेंशन की बहाली 15 साल से घटाकर 11 साल किए जाने की मांग।
2. हर 5 साल में 5% अतिरिक्त पेंशन देने की व्यवस्था—जैसा कि संसदीय स्थायी समिति ने अनुशंसित किया है।
3. CCS (Pension) Rules, 1972 / 2021 के तहत आने वाले सभी पेंशनभोगियों और फैमिली पेंशनभोगियों को पेंशन संशोधन का लाभ देने का प्रस्ताव।
काउंसिल ने कहा कि ये सभी कदम बुजुर्ग पेंशनरों के जीवन में आर्थिक स्थिरता और सम्मान सुनिश्चित करेंगे।
NPS कर्मचारियों के लिए OPS बहाली की मांग
पत्र में परिषद ने कहा कि 1 जनवरी 2004 या उसके बाद नियुक्त 26 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारी (जिनमें रेलवे, रक्षा के सिविल कर्मचारी और अर्धसैनिक बल शामिल हैं)नई पेंशन प्रणाली (NPS) से बाहर निकलकर पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की ज़ोरदार मांग कर रहे हैं। OPS एक बिना अंशदान और गारंटीड पेंशन वाला सुरक्षित ढांचा है, जिसे NPS से बदल दिया गया था। पत्र में लिखा गया है, 'यह एक दीर्घकालिक, उचित और न्यायोचित मांग है, जो कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद की आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक सम्मान की चिंता से उपजी है। इस मुद्दे को 8वें वेतन आयोग के ToR में शामिल किया जाए, ताकि आयोग इसे व्यापक दृष्टिकोण से परखे और सुझाव दे सके।'
69 लाख पेंशनरों को बाहर रखने पर नाराजगी
एनसी जेसीएम स्टाफ साइड ने सरकार को यह कहते हुए आगाह किया है कि यह अत्यंत चिंताजनक है कि 69 लाख केंद्रीय पेंशनभोगियों और फैमिली पेंशनरों को 8वें वेतन आयोग के दायरे से बाहर रख दिया गया है। ये वे लोग हैं जिन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किया है। कई बुजुर्ग अब गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से भी जूझ रहे हैं। उन्हें भी नियमित पेंशन संशोधन का अधिकार है। परिषद ने इस बात पर जोर दिया कि पेंशनरों को बाहर रखना 'अनुचित और अस्वीकार्य' है और उनकी आवश्यकताओं को आयोग के दायरे में शामिल किया जाना चाहिए।
लेखक के बारे में
Varsha Pathakवर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
और पढ़ें


