8th Pay Commission: 8वें पे कमीशन में इन कर्मचारियों को मिलेगी पुरानी पेंशन? JCM मीटिंग में छाया रहा मुद्दा
मुख्य बातें
- 8th Pay Commission News: 49वीं जेसीएम की मीटिंग 11 मई को हो गई
- इस मीटिंग में कुछ कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन को लेकर भी डिमांड की गई है
- अब देखना है कि 8वें वे कमीशन में इन्हें ओल्ड पेंशन मिलती है या नहीं

8th Pay Commission News: 11 मई को नेशनल काउंसिल ऑफ दी ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (JCM) की 49 मीटिंग हुई। इस पर सरकारी कर्मचारियों की नजर बनी हुई थी। यह मीटिंग कैबिनेट सेक्रटरी टीवी सोमनाथन और अन्य सीनियर अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ है। आइए जानते हैं कि इस मीटिंग की क्या बड़ी बातें रही हैं?
1-2004 के कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम का फायदा
इस मीटिंग में ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर गंभीर चर्चा हुई। स्टाफ की तरफ से आए प्रतिनिधियों का कहना है कि 22 दिसंबर 2003 से पहले निकाली गई वैकेंसी पर नियुक्त हुए कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का फायदा मिलना चाहिए। स्टाफ साइड की तरफ से कहा गया है कि अगर कर्मचारियों ने कटऑफ तारीख से पहले नियुक्ति हासिल की है तो उन्हें इसका फायदा मिले।
रिपोर्ट के अनुसार सेक्रटरी DOE / DOP&PW ने इसे लागू करने पर सहमति दी है। जोकि कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है।
2- पेंशनर्स के मुद्दे 8वें वित्त आयोग को भेजे जाएंगे
कर्मचारी संगठन मौजूदा पेंशन में रिवीजन की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा पेंशन में इजाफा और 8वें वित्त आयोग के संदर्श शर्तों में पेंशन से जुड़े मुद्दों को शामिल करना।
कैबिनेट सेक्रटरी ने संकेत दिए हैं कि कुछ पेंशन से जुड़े मुद्दे 8वें वित्त आयोग को भेजे जाएंगे।
3- मेडिकल ट्रीटमेंट पर राहत
स्टाफ साइड ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेशनर्स के इलाज पर होने वाले खर्च का पूरा भुगतान करने की वकालत इस मीटिंग में पुरजोर तरीके से की। इस मीटिंग में कहा गया है कि हियरिंग एड के रीइम्बर्समेंट रेट्स को पिछले एक दशक से ज्यादा समय से बदला नहीं गया है।
कैबिनेट सेक्रेटरी ने इन मुद्दों को जल्द से जल्द सुलझाने के निर्देश दिए हैं। 3 हफ्तों में निर्णय लिया जाएगा।
4- प्रमोशन में देरी का मुद्दा
डिपार्टमेंट के अंदर प्रमोशन में हो रही देरी का भी मुद्दा उठाया गया है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि डिपार्टमेंट के अंदर के प्रमोशन के लिए कर्मचारियों को सालों का इंतजार करना पड़ता है।
5- आउटसोर्सिंग का मुद्दा
इस मीटिंग में कर्मचारी संगठनों ने लगातार हो रहे आउटसोर्सिंग को मुद्दा भी उठाया। कर्मचारी संगठन का कहना है कि आउटसोर्सिंग पर निर्भरता बढ़ रही है। दलील दी गई की काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। लेकिन पर्मानेंट कर्मचारियों की नियुक्ति उस रफ्तार से नहीं हो रही है। हालांकि, इसको लेकर कोई भी बड़ा ऐलान नहीं किया गया। आने वाले समय में इसे टॉप अधिकारियों के बीच उठाया जाएगा।
लेखक के बारे में
Tarun Pratap Singhतरुण प्रताप सिंह, लाइव हिन्दुस्तान के साथ अक्टूबर 2020 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस टीम का हिस्सा हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर पर लिखने के साथ-साथ आईपीओ पर वीडियो इंटरव्यू की भी जिम्मेदारी सम्भालते हैं। लाइव हिन्दुस्तान की वीडियो टीम के लिए 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में टीम लीड करते हुए 200 विधानसभा सीट में ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरीज कर चुके हैं। श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उत्तर प्रदेश में ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है। साल 2025 में प्रयागराज में सम्पन्न हुए महाकुंभ में 40 दिन से अधिक दिन तक कुंभ नगरी में रहकर अनेकों वीडियो इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरिज किए थे।
शिक्षा
बी.ए (ऑनर्स) और एम.ए की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी से पूरा किया है। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है।
अनुभव -
HT का हिस्सा बनने से पहले स्वतंत्र तौर पर 2019 में लोकसभा चुनाव, 2019 में हरियाणा विधानसभा, 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2020 में दिल्ली दंगा की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है। श्री राम मंदिर भूमि पूजन (साल 2020) के दौरान भी बतौर स्वतंत्र पत्रकार अपनी सेवाएं दिए हैं।
दैनिक जागरण के एक स्पेशल कार्यक्रम के तहत वाराणसी में दो अलग-अलग साल में 100-100 बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली की 15 दिनों की ट्रेनिंग भी देने का अनुभव प्राप्त है।
विशेषताएं -
वीडियो रिपोर्टिंग में दक्षता हासिल है। कई इंटरव्यू और ग्राउंड ओपनियन वीडियो नेशनल लेवल पर विमर्श का केंद्र बने हैं। बिजनेस और राजनीति के अलावा क्रिकेट, धर्म और साहित्य पर लिखना-पढ़ना पसंद है।


