5% बढ़ेगा DA, एरियर से लेकर सैलरी पर ये है अपडेट, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जानना जरूरी
8th pay commission: सरकार ने अक्टूबर में आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को मंजूरी दे दी थी, लेकिन पैनल को अपनी सिफारिशें देने में करीब 18 महीने लग सकते हैं। यानी नई सैलरी स्ट्रक्चर और भत्तों में बदलाव को जमीन पर लागू होने में अभी समय लगना तय है।

8th Pay Commission: आठवां केंद्रीय वेतन आयोग यानी 8वां केंद्रीय वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू तो माना जा रहा है, लेकिन एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स फिलहाल सातवें वेतन आयोग के ढांचे के तहत ही वेतन और भत्ते लेते रहेंगे। सरकार ने अक्टूबर में आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को मंजूरी दे दी थी, लेकिन पैनल को अपनी सिफारिशें देने में करीब 18 महीने लग सकते हैं। यानी नई सैलरी स्ट्रक्चर और भत्तों में बदलाव को जमीन पर लागू होने में अभी समय लगना तय है।
DA पर मिल सकती है राहत
इस बीच कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (DA) को लेकर राहत मिल सकती है। श्रम मंत्रालय ने दिसंबर के लिए AICPI-IW इंडेक्स 148.2 पर स्थिर रखा है, जो DA तय करने का आधार है। ऐसे में DA में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी होकर यह 63% तक पहुंच सकता है। पिछली बार जुलाई में DA 54% से बढ़ाकर 58% किया गया था। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार मार्च की शुरुआत में, होली से पहले, DA बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों को अप्रैल की सैलरी के साथ जनवरी 2026 से बकाया एरियर भी मिल सकता है।
25 फरवरी को होगी बैठक
नई दिल्ली में आठवें वेतन आयोग का दफ्तर भी स्थापित हो चुका है। 25 फरवरी को राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न कर्मचारी संगठनों की बैठक होने जा रही है, जिसमें वेतन संशोधन, फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन, भत्ते और सेवा शर्तों पर चर्चा होगी। राष्ट्रीय परिषद (कर्मचारी पक्ष) संयुक्त परामर्श मशीनरी के तहत एक साझा ज्ञापन तैयार किया जाएगा, जिसे बाद में आयोग को सौंपा जाएगा। रेल, रक्षा, डाक, आयकर समेत कई विभागों के प्रतिनिधि इसमें हिस्सा लेंगे।
आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च
सरकार ने हाल ही में आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.8cpc.gov.in भी लॉन्च की है, जहां कर्मचारी और पेंशनर्स अपने सुझाव दे सकते हैं। वहीं अखिल भारतीय एनपीएस कर्मचारी संघ ने देशभर में अभियान चलाकर मांग की है कि आयोग 200 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट दे। फेडरेशन ने केंद्र और केंद्र शासित प्रदेशों में नियमों के समान और एक साथ लागू करने, साथ ही राज्यों में भी बेसिक पे और DA को केंद्र के अनुरूप संशोधित करने की मांग उठाई है। अब सभी की नजर आयोग की सिफारिशों और सरकार के अगले फैसले पर टिकी है।
कर्मचारी संगठनों की मांग
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, ऐसे में सिर्फ DA बढ़ोतरी से काम नहीं चलेगा बल्कि फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन में ठोस बढ़ोतरी जरूरी है। उनका तर्क है कि सातवें वेतन आयोग के दौरान तय किया गया फिटमेंट फैक्टर अब मौजूदा आर्थिक हालात के मुताबिक पर्याप्त नहीं है। संगठनों ने यह भी मांग की है कि पेंशनर्स को भी समान रूप से लाभ मिले और किसी तरह की देरी न हो। अब देखना होगा कि 8वां वेतन आयोग इन मांगों पर क्या रुख अपनाता है और सरकार कर्मचारियों को कितनी राहत देती है।

लेखक के बारे में
Varsha Pathakवर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
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