8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारी भूल जाएं पुरानी पेंशन? 8वां वित्त आयोग भी करेगा OPS पर मायूस!
मुख्य बातें
- 8th Pay Commission Latest Updates: 8वें वित्त आयोग की मीटिंग्स का दौर शुरू हो गया है
- इस बीच कर्मचारियों के बीच पुरानी पेंशन की मांग भी तेज हो गई है

8th Pay Commission Latest Updates: 8वें पे कमीशन की मीटिंग्स शुरू हो गई है। एक बार फिर से पुरानी पेंशन की मांग भी इसी के साथ तेज हो गई है। कर्मचारी संगठन एनपीएस को वापस लेने और ओल्ड पेंशन स्कीम को बहाल करने की मांग लगातार कर रहे हैं। हालांकि, मौजूदा परस्थितियों को अगर देखें तो पुरानी पेंशन अब दूर की कौड़ी साबित हो रही है। साथ ही एनपीएस की वापसी का भी संकेत कम ही मिल रहा है।
क्या हो ओल्ड पेंशन स्कीम (Old Pension Scheme)
इस योजना के तहत कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद जीवन पर्यंत तय पेंशन दी जाती है। इसमें महंगाई भत्ता भी जुड़ा रहता है। यानी जब-जब महंगाई बढ़ेगा तब-तब पेंशन भी बढ़ेगी।
ओल्ड पेंशन स्कीम क्यों वापस चाहते हैं कर्मचारी
मौजूदा समय में एनपीएस और यूपीएस की व्यवस्था सरकार की तरफ से कर्मचारियों को दी जा रही है। लेकिन कर्मचारी पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली की मांग लगातार कर रहे हैं। इसके पीछे की वजह सामाजिक सुरक्षा है। पुरानी पेंशन स्कीम में महंगाई के साथ-साथ पेंशन भी बढ़ती रहती है। इससे पेंशनधारकों को बड़ी वित्तीय सुरक्षा मिल जाती है।
क्यों पुरानी पेंशन स्कीम पर जाना है कठिन?
बीते 20 साल में एनपीएस में सरकार और कर्मचारियों ने 16.50 लाख करोड़ रुपये का योगदान कर दिया है। ऐसे में अगर एनपीएस को रद्द करके पुरानी पेंशन स्कीम की तरफ जाया जाता है तो इससे वित्तीय नुकसान काफी अधिक होगा। एनपीएस का फंड एलीआईसी, एसबीआई, यूटीआई और अन्य सरकारी लिंक्ड वित्तीय संस्थाओं के जरिए निवेश किया जाता है। ऐसे में एक झटके में पैसा निकाला नहीं जा सकता है।
इसके साथ ही अगर एनपीएस को बंद किया जाता है तब की स्थिति में मार्केट की लिक्विडिटी और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स पर बुरा असर पड़ेगा।
8वें वित्त आयोग के 6 महीने बीत गए (8th Pay Commission Updates)
सरकार पे कमीशन का गठन नवंबर 2025 में किया था। अब 6 महीने का समय बीत चुका है। आयोग के पास 18 महीने का समय है। इस दौरान ही उसे अपनी रिपोर्ट देनी होगी। पे कमीशन की तरफ से प्रक्रियाओं में तेजी लाई गई है। देश के अलग-अलग हिस्सों में मीटिंग्स की जा रही है। जिससे एक समावेशी रिपोर्ट तैयार किया जा सके। कर्मचारियों की बीच इस समय फिटमेंट फैक्टर्स को लेकर खूब चर्चा है। क्योंकि फिटमेंट फैक्टर ही है जिसके जरिए सरकारी कर्मचारियों की सैलरी का निर्णय होगा।
कुछ कर्मचारी संगठनों ने 4 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। अब देखना है कि पे कमीशन कितना फिटमेंट फैक्टर रखने की सलाह देता है।
लेखक के बारे में
Tarun Pratap Singhतरुण प्रताप सिंह, लाइव हिन्दुस्तान के साथ अक्टूबर 2020 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस टीम का हिस्सा हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर पर लिखने के साथ-साथ आईपीओ पर वीडियो इंटरव्यू की भी जिम्मेदारी सम्भालते हैं। लाइव हिन्दुस्तान की वीडियो टीम के लिए 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में टीम लीड करते हुए 200 विधानसभा सीट में ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरीज कर चुके हैं। श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उत्तर प्रदेश में ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है। साल 2025 में प्रयागराज में सम्पन्न हुए महाकुंभ में 40 दिन से अधिक दिन तक कुंभ नगरी में रहकर अनेकों वीडियो इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरिज किए थे।
शिक्षा
बी.ए (ऑनर्स) और एम.ए की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी से पूरा किया है। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है।
अनुभव -
HT का हिस्सा बनने से पहले स्वतंत्र तौर पर 2019 में लोकसभा चुनाव, 2019 में हरियाणा विधानसभा, 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2020 में दिल्ली दंगा की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है। श्री राम मंदिर भूमि पूजन (साल 2020) के दौरान भी बतौर स्वतंत्र पत्रकार अपनी सेवाएं दिए हैं।
दैनिक जागरण के एक स्पेशल कार्यक्रम के तहत वाराणसी में दो अलग-अलग साल में 100-100 बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली की 15 दिनों की ट्रेनिंग भी देने का अनुभव प्राप्त है।
विशेषताएं -
वीडियो रिपोर्टिंग में दक्षता हासिल है। कई इंटरव्यू और ग्राउंड ओपनियन वीडियो नेशनल लेवल पर विमर्श का केंद्र बने हैं। बिजनेस और राजनीति के अलावा क्रिकेट, धर्म और साहित्य पर लिखना-पढ़ना पसंद है।


