8वें वेतन आयोग की 31 अगस्त से बड़ी बैठक, केंद्रीय कर्मचारियों को करना है ये काम
मुख्य बातें
- आठवें वेतन आयोग की बैठक 31 अगस्त से शुरू हो रही है
- वेतन आयोग को नवंबर 2025 में अपने गठन के बाद से केंद्रीय मंत्रिमंडल को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया था

8th pay commission latest: आठवें वेतन आयोग के गठन (3 नवंबर 2025) को 10 महीने पूरे होने वाले हैं। इससे पहले वेतन आयोग की एक अहम बैठक होने जा रही है। यह बैठक जयपुर में होगी। आइए डिटेल में जान लेते हैं कि आखिर बैठक किस लिए हो रही है और वेतन आयोग को लेकर क्या नया अपडेट है।
कब होगी बैठक?
वेतन आयोग जयपुर में 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को होने वाली अपनी अगली बैठक की तैयारी कर रहा है। इस बैठक के लिए फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख 18 अगस्त थी। इस बैठक में राजस्थान के केंद्रीय कर्मचारी या संगठन अपनी सिफारिशों या सुझाव को वेतन आयोग के सामने रख सकेंगे। इसके बाद वेतन आयोग जरूरी सुझाव को अपनी सिफारिशों में रखेगा और सरकार को सौंप देगा। इसके बाद केंद्र सरकार इन सिफारिशों पर विचार करेगी और फिटमेंट फैक्टर, वेतन संशोधन, पेंशन सुधार, भत्ते और अन्य संबंधित मुद्दों पर अंतिम फैसला लेगी।
क्या है नया अपडेट?
ताजा घटनाक्रम से पता चलता है कि 8वां वेतन आयोग चर्चा और सलाह-मशविरे के चरण में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आयोग का मकसद चर्चा की प्रक्रिया को ज्यादा लोकतांत्रिक बनाना है ताकि अधिक से अधिक यूनियन, स्टेकहोल्डर और एसोसिएशन अपनी राय और शिकायतें रख सकें। पिछले कुछ महीनों में, 8वें वेतन आयोग ने दिल्ली, लद्दाख, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा किया है। ये बैठकें अहम हैं क्योंकि देश भर की यूनियनों और स्टेकहोल्डर्स द्वारा इनमें रखी गई शिकायतें, अनुरोध और राय 8वें वेतन आयोग को अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
3 सितंबर को 10 महीने पूरे
3 सितंबर को वेतन आयोग के गठन को दस महीने पूरे हो जाएंगे। वेतन आयोग को नवंबर 2025 में अपने गठन के बाद से केंद्रीय मंत्रिमंडल को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया था। ऐसे में आयोग द्वारा मई-जून 2027 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की संभावना है। इसके बाद सरकार सिफारिशों को लागू करेगी। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार एक जनवरी 2026 से ये सिफारिशें लागू कर सकती हैं। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि सरकार अक्षरश: इन सिफारिशों को लागू करे। इसमें संशोधन भी किया जा सकता है। यह सरकार को तय करना होता है।
फिटमेंट फॉर्मूले पर नजर
छठे और सातवें वेतन आयोग के दौरान काफी विचार-विमर्श के बाद क्रमशः 1.86 और 2.57 के फिटमेंट फैक्टर पर सहमति बनी थी। अब यह देखना होगा कि 8वें वेतन आयोग के लिए क्या फिटमेंट फैक्टर तय किया जाता है क्योंकि NC(JCM) और BPMS जैसी कई प्रमुख यूनियनें 3.5 गुना से अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रही हैं।


