ये फॉर्मूला लागू होते ही ₹72,000 होगी केंद्रीय कर्मचारियों की मिनिमम सैलरी? फिटमेंट फैक्टर पर बड़ा अपडेट

Sarveshwar Pathak लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

मुख्य बातें

  • 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission latest updates) में फिटमेंट फैक्टर को लेकर चर्चा तेज हो गई है
  • कर्मचारी संगठन 3.0 से 4.0 तक की मांग कर रहे हैं
  • अगर 4.0 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹72,000 तक पहुंच सकता है
ये फॉर्मूला लागू होते ही ₹72,000 होगी केंद्रीय कर्मचारियों की मिनिमम सैलरी? फिटमेंट फैक्टर पर बड़ा अपडेट

देश के एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर इस समय 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर टिकी हुई है। सबसे ज्यादा चर्चा जिस मुद्दे को लेकर हो रही है, वह फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) है। यही वह आंकड़ा है, जो तय करेगा कि अगले वेतन आयोग में कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और पेंशन कितनी बढ़ेगी। महंगाई, बढ़ती जीवन-यापन लागत और कर्मचारी संगठनों की मांगों के बीच अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या फिटमेंट फैक्टर 2.57 से बढ़कर 2.86 होगा या फिर कर्मचारी यूनियनों की मांग के मुताबिक 3.0 से 4.0 तक पहुंच सकता है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

फिटमेंट फैक्टर को आसान भाषा में समझें तो यह एक गुणक (Multiplier) होता है, जिससे मौजूदा बेसिक वेतन को गुणा करके नया वेतन तय किया जाता है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था। इसके आधार पर 18,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर 46,260 रुपये हो गई थी। अब 8वें वेतन आयोग में इसी फैक्टर को लेकर सबसे बड़ी बहस चल रही है।

एक्सपर्ट का मानना है कि 2016 से अब तक महंगाई में काफी बढ़ोतरी हुई है। पिछले लगभग 10 सालों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर महंगाई करीब 55% से अधिक बढ़ चुकी है। ऐसे में कर्मचारियों का कहना है कि 2.57 फिटमेंट फैक्टर अब पर्याप्त नहीं है। इसी वजह से कई कर्मचारी संगठनों ने 3.0 से लेकर 4.0 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग की है।

विभिन्न कर्मचारी संगठनों की मांगों पर नजर डालें तो BPMS ने 4.0 फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है, जिससे न्यूनतम बेसिक वेतन 72,000 रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं, NCJCM स्टाफ साइड और AIDEF ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है, जिससे न्यूनतम वेतन लगभग 69,000 रुपये हो सकता है। महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन संगठन ने 3.8 फैक्टर की मांग की है, जबकि FNPO और AITUC ने कम से कम 3.0 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की वकालत की है।

8वां वेतन आयोग: विभिन्न कर्मचारी संगठनों के फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन की मांग

कर्मचारी संघ / संगठनफिटमेंट फैक्टर की मांगप्रस्तावित न्यूनतम बेसिक वेतन (₹18,000 के आधार पर)
BPMS4.0₹72,000
NCJCM स्टाफ साइड3.833लगभग ₹69,000
AIDEF3.833लगभग ₹69,000
महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन संगठन3.8लगभग ₹68,400 – ₹65,000
FNPO3.0 – 3.25₹54,000 – ₹58,500
AITUCन्यूनतम 3.0₹54,000

हालांकि, फाइनेंशियल एक्सपर्ट का नजरिया थोड़ा अलग है। उनका मानना है कि सरकार को कर्मचारियों की जरूरतों और सरकारी खजाने पर पड़ने वाले बोझ के बीच संतुलन बनाना होगा। कई विश्लेषकों का अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.28 से 2.86 के बीच रह सकता है। अगर 2.86 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो वर्तमान 18,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर 51,480 रुपये हो जाएगी। यह वृद्धि महंगाई को देखते हुए एक संतुलित विकल्प मानी जा रही है।

इस बीच 8वें वेतन आयोग की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। आयोग ने ज्ञापन जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 तक बढ़ा दी है। इसके अलावा जुलाई 2026 में भुवनेश्वर और कोलकाता में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी, जहां वेतन, पेंशन और फिटमेंट फैक्टर से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।

8वें वेतन आयोग से जुड़े हालिया अपडेट्स

तारीखअपडेटप्रमुख जानकारी
29 मई 2026ज्ञापन (Memorandum) जमा करने की समय-सीमा बढ़ाई गई8वें वेतन आयोग को ज्ञापन और सुझाव भेजने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दी गई है।
29 मई 2026कोलकाता दौरे की घोषणा8वां वेतन आयोग 9-10 जुलाई 2026 को कोलकाता (पश्चिम बंगाल) का दौरा करेगा। ज्ञापन जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है।
26 मई 2026भुवनेश्वर दौरे की घोषणा8वां वेतन आयोग 6-7 जुलाई 2026 को भुवनेश्वर (ओडिशा) का दौरा करेगा। ज्ञापन जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 तय की गई है।

फिलहाल, कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन इतना तय है कि 8वें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर आने वाले 10 सालों तक कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय को प्रभावित करेगा। अगर सरकार यूनियनों की मांगों के करीब कोई फैसला लेती है, तो लाखों कर्मचारियों की सैलरी में बड़ी छलांग देखने को मिल सकती है। वहीं, अगर संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जाता है, तो 2.8 से 3.0 के बीच का फिटमेंट फैक्टर सबसे संभावित विकल्प माना जा रहा है। अब सभी की नजर आयोग की सिफारिशों और सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।

Sarveshwar Pathak

लेखक के बारे में

Sarveshwar Pathak

सर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।

उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।

और पढ़ें
जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,