ये फॉर्मूला लागू होते ही ₹72,000 होगी केंद्रीय कर्मचारियों की मिनिमम सैलरी? फिटमेंट फैक्टर पर बड़ा अपडेट
मुख्य बातें
- 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission latest updates) में फिटमेंट फैक्टर को लेकर चर्चा तेज हो गई है
- कर्मचारी संगठन 3.0 से 4.0 तक की मांग कर रहे हैं
- अगर 4.0 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹72,000 तक पहुंच सकता है

देश के एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर इस समय 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर टिकी हुई है। सबसे ज्यादा चर्चा जिस मुद्दे को लेकर हो रही है, वह फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) है। यही वह आंकड़ा है, जो तय करेगा कि अगले वेतन आयोग में कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और पेंशन कितनी बढ़ेगी। महंगाई, बढ़ती जीवन-यापन लागत और कर्मचारी संगठनों की मांगों के बीच अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या फिटमेंट फैक्टर 2.57 से बढ़कर 2.86 होगा या फिर कर्मचारी यूनियनों की मांग के मुताबिक 3.0 से 4.0 तक पहुंच सकता है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
फिटमेंट फैक्टर को आसान भाषा में समझें तो यह एक गुणक (Multiplier) होता है, जिससे मौजूदा बेसिक वेतन को गुणा करके नया वेतन तय किया जाता है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था। इसके आधार पर 18,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर 46,260 रुपये हो गई थी। अब 8वें वेतन आयोग में इसी फैक्टर को लेकर सबसे बड़ी बहस चल रही है।
एक्सपर्ट का मानना है कि 2016 से अब तक महंगाई में काफी बढ़ोतरी हुई है। पिछले लगभग 10 सालों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर महंगाई करीब 55% से अधिक बढ़ चुकी है। ऐसे में कर्मचारियों का कहना है कि 2.57 फिटमेंट फैक्टर अब पर्याप्त नहीं है। इसी वजह से कई कर्मचारी संगठनों ने 3.0 से लेकर 4.0 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग की है।
विभिन्न कर्मचारी संगठनों की मांगों पर नजर डालें तो BPMS ने 4.0 फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है, जिससे न्यूनतम बेसिक वेतन 72,000 रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं, NCJCM स्टाफ साइड और AIDEF ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है, जिससे न्यूनतम वेतन लगभग 69,000 रुपये हो सकता है। महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन संगठन ने 3.8 फैक्टर की मांग की है, जबकि FNPO और AITUC ने कम से कम 3.0 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की वकालत की है।
8वां वेतन आयोग: विभिन्न कर्मचारी संगठनों के फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन की मांग
| कर्मचारी संघ / संगठन | फिटमेंट फैक्टर की मांग | प्रस्तावित न्यूनतम बेसिक वेतन (₹18,000 के आधार पर) |
|---|---|---|
| BPMS | 4.0 | ₹72,000 |
| NCJCM स्टाफ साइड | 3.833 | लगभग ₹69,000 |
| AIDEF | 3.833 | लगभग ₹69,000 |
| महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन संगठन | 3.8 | लगभग ₹68,400 – ₹65,000 |
| FNPO | 3.0 – 3.25 | ₹54,000 – ₹58,500 |
| AITUC | न्यूनतम 3.0 | ₹54,000 |
हालांकि, फाइनेंशियल एक्सपर्ट का नजरिया थोड़ा अलग है। उनका मानना है कि सरकार को कर्मचारियों की जरूरतों और सरकारी खजाने पर पड़ने वाले बोझ के बीच संतुलन बनाना होगा। कई विश्लेषकों का अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.28 से 2.86 के बीच रह सकता है। अगर 2.86 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो वर्तमान 18,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर 51,480 रुपये हो जाएगी। यह वृद्धि महंगाई को देखते हुए एक संतुलित विकल्प मानी जा रही है।
इस बीच 8वें वेतन आयोग की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। आयोग ने ज्ञापन जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 तक बढ़ा दी है। इसके अलावा जुलाई 2026 में भुवनेश्वर और कोलकाता में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी, जहां वेतन, पेंशन और फिटमेंट फैक्टर से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
8वें वेतन आयोग से जुड़े हालिया अपडेट्स
| तारीख | अपडेट | प्रमुख जानकारी |
|---|---|---|
| 29 मई 2026 | ज्ञापन (Memorandum) जमा करने की समय-सीमा बढ़ाई गई | 8वें वेतन आयोग को ज्ञापन और सुझाव भेजने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दी गई है। |
| 29 मई 2026 | कोलकाता दौरे की घोषणा | 8वां वेतन आयोग 9-10 जुलाई 2026 को कोलकाता (पश्चिम बंगाल) का दौरा करेगा। ज्ञापन जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है। |
| 26 मई 2026 | भुवनेश्वर दौरे की घोषणा | 8वां वेतन आयोग 6-7 जुलाई 2026 को भुवनेश्वर (ओडिशा) का दौरा करेगा। ज्ञापन जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 तय की गई है। |
फिलहाल, कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन इतना तय है कि 8वें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर आने वाले 10 सालों तक कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय को प्रभावित करेगा। अगर सरकार यूनियनों की मांगों के करीब कोई फैसला लेती है, तो लाखों कर्मचारियों की सैलरी में बड़ी छलांग देखने को मिल सकती है। वहीं, अगर संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जाता है, तो 2.8 से 3.0 के बीच का फिटमेंट फैक्टर सबसे संभावित विकल्प माना जा रहा है। अब सभी की नजर आयोग की सिफारिशों और सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
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हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
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ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
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