
1 जनवरी से लागू हो रहा 8वां वेतन आयोग! केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में होगा बड़ा इजाफा
फिटमेंट फैक्टर 2.57 तय हुआ, ग्रेड पे खत्म कर दिया गया और नई पे मैट्रिक्स लाई गई, जिससे सैलरी स्ट्रक्चर पहले के मुकाबले ज्यादा आसान और पारदर्शी हो गया। अब जब इसका कार्यकाल समाप्त होने वाला है, तो कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें पूरी तरह 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं।
8th Pay Commission: 7वां केंद्रीय वेतन आयोग 31 दिसंबर 2025 को अपने 10 साल पूरे कर रहा है। 1 जनवरी 2016 से लागू हुए इस वेतन आयोग ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया था। फिटमेंट फैक्टर 2.57 तय हुआ, ग्रेड पे खत्म कर दिया गया और नई पे मैट्रिक्स लाई गई, जिससे सैलरी स्ट्रक्चर पहले के मुकाबले ज्यादा आसान और पारदर्शी हो गया। अब जब इसका कार्यकाल समाप्त होने वाला है, तो कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें पूरी तरह 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं। 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू हो सकता है।
क्या है डिटेल
7वें वेतन आयोग से पहले, यानी 6वें वेतन आयोग के आखिरी दौर में महंगाई काफी बढ़ चुकी थी। दिसंबर 2015 तक महंगाई भत्ता (DA) 119% तक पहुंच गया था। लेवल-1 कर्मचारी का बेसिक पे 7,000 रुपये और ग्रेड पे 1,800 रुपये मिलाकर कुल 8,800 रुपये था। इस पर DA करीब 10,472 रुपये बनता था और X कैटेगरी शहरों में HRA 2,640 रुपये मिलता था। इस तरह कुल सैलरी करीब 22 हजार रुपये हो जाती थी। साफ है कि उस समय बढ़ती महंगाई का असर DA के जरिए काफी हद तक कवर हो चुका था।
DA को शून्य से शुरू किया गया
7वें वेतन आयोग में आते ही DA को शून्य से शुरू किया गया, लेकिन बेसिक पे को सीधे 18,000 रुपये कर दिया गया। ग्रेड पे पूरी तरह हटा दी गई और नई पे मैट्रिक्स लागू हुई। अब करीब 10 साल बाद स्थिति यह है कि DA 58% हो चुका है, यानी 18,000 रुपये के बेसिक पर करीब 10,440 रुपये DA मिल रहा है। X कैटेगरी शहरों में HRA 5,400 रुपये है। इस तरह लेवल-1 कर्मचारी की मौजूदा मासिक सैलरी करीब 33,500 से 34,000 रुपये के आसपास पहुंच गई है, जिसमें ट्रांसपोर्ट अलाउंस जैसे अन्य भत्ते शामिल नहीं हैं।
कितनी बढ़ेगी सैलरी
अगर सीधे तुलना करें तो तस्वीर साफ दिखती है। बेसिक पे 8,800 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गया, यानी दोगुने से भी ज्यादा। DA की प्रतिशत दर जरूर कम दिखती है, लेकिन रकम तब भी और अब भी करीब 10,400 रुपये ही है। HRA पहले के मुकाबले दोगुना से ज्यादा हो गया है और कुल सैलरी करीब 55% बढ़ी है। लेकिन बड़ी बात यह है कि न्यूनतम बेसिक पे 2016 से अब तक नहीं बढ़ा। यही वजह है कि DA 50% पार करने के बाद कर्मचारी संगठन नए फिटमेंट फैक्टर और ज्यादा न्यूनतम वेतन की मांग कर रहे हैं। 7वें वेतन आयोग की विदाई के साथ ही 8वें वेतन आयोग से उम्मीदें तेजी से बढ़ती जा रही हैं।

लेखक के बारे में
Varsha Pathakवर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
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