
60% हो जाएगा केंद्रीय कर्मचारियों का DA, 8वें वेतन आयोग पर क्या है ताजा रिपोर्ट
जानकारों का मानना है कि DA की यही धीमी बढ़ोतरी आगे चलकर 8वें वेतन आयोग के तहत मिलने वाली सैलरी बढ़ोतरी को ज्यादा असरदार बना सकती है। खास बात यह है कि नया वेतन आयोग लागू होते ही DA और पेंशनर्स को मिलने वाला डीआर (DR) शून्य (0%) पर रीसेट कर दिया जाता है।
8th Pay Commission Latest News: महंगाई भत्ता (DA), जो बढ़ती महंगाई के असर को कम करने के लिए सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को दिया जाता है, उसकी रफ्तार 7वें वेतन आयोग के दौरान अब तक सबसे धीमी रही है। यह स्थिति 5वें और 6वें वेतन आयोग की तुलना में अलग है। जानकारों का मानना है कि DA की यही धीमी बढ़ोतरी आगे चलकर 8वें वेतन आयोग के तहत मिलने वाली सैलरी बढ़ोतरी को ज्यादा असरदार बना सकती है। खास बात यह है कि नया वेतन आयोग लागू होते ही DA और पेंशनर्स को मिलने वाला डीआर (DR) शून्य (0%) पर रीसेट कर दिया जाता है।
क्या है पिछला पैटर्न
अगर पुराने आंकड़ों को देखें, तो 6वें वेतन आयोग (2006–2016) के दौरान DA बढ़कर बेसिक सैलरी का 125% तक पहुंच गया था। वहीं, 5वें वेतन आयोग (1996–2006) में DA करीब 74% तक बढ़ा था। इसके मुकाबले 7वें वेतन आयोग में अभी DA 58% पर है और मार्च में होने वाली अगली समीक्षा के बाद इसके करीब 60% तक पहुंचने की उम्मीद है। DA में हर साल दो बार (मार्च और अक्टूबर में) संशोधन होता है, जो क्रमशः जनवरी और जुलाई से लागू माना जाता है।
सरकार ने नवंबर 2025 में 8वें वेतन आयोग का गठन किया है और इसे अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय मिला है। माना जा रहा है कि यह रिपोर्ट मिड-2027 से पहले पेश नहीं होगी। तब तक DA में कम से कम तीन बार और बढ़ोतरी होगी—मार्च और अक्टूबर 2026 में और फिर मार्च 2027 में। अगर हर बार औसतन 2–4% की बढ़ोतरी मानें, तो 8वें वेतन आयोग से पहले DA करीब 70% के आसपास रह सकता है। 7वें वेतन आयोग में DA की धीमी रफ्तार की एक बड़ी वजह कोविड काल के दौरान 18 महीनों तक DA/DR की बढ़ोतरी पर रोक भी रही, ताकि सरकारी खजाने पर बोझ न बढ़े।

लेखक के बारे में
Varsha Pathakवर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
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