
1 जनवरी 2026 से लागू होगा 8वां वेतन आयोग! सैलरी से लेकर पेंशन समेत पर सरकार ने क्या कहा- जानिए
हाल ही में 8th पे कमीशन का टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) जारी किया गया है और आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने मिले हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि रिपोर्ट आने के बाद भी सरकार को अंतिम मंजूरी देने में 3–6 महीने और लग सकते हैं।
8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8th पे कमीशन कब से लागू होगा और क्या उन्हें 1 जनवरी 2026 से अरियर मिलेंगे। इस बड़े सवाल का अभी तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है। विंटर सेशन की कार्यवाही के दौरान फिर एक बार यह मुद्दा उठा, लेकिन वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सिर्फ इतना कहा कि लागू करने की तारीख सरकार तय करेगी और जब भी सिफारिशें स्वीकार होंगी, उनके लिए फंड की व्यवस्था कर दी जाएगी। यानी कर्मचारी-समुदाय को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। हाल ही में 8th पे कमीशन का टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) जारी किया गया है और आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने मिले हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि रिपोर्ट आने के बाद भी सरकार को अंतिम मंजूरी देने में 3–6 महीने और लग सकते हैं।
क्या है डिटेल
पिछले पे कमीशनों का रिकॉर्ड देखें, तो सरकार ने हमेशा पिछली अवधि से वेतन और भत्तों के अरियर दिए हैं। जैसे 7th पे कमीशन जून 2016 में लागू हुआ था, लेकिन अरियर 1 जनवरी 2016 से मिले। इसी तरह 6th CPC अगस्त 2008 में लागू हुआ, मगर अरियर जनवरी 2006 से दिए गए। इसी इतिहास के आधार पर कई कर्मचारी संगठनों का मानना है कि इस बार भी सरकार को तकनीकी रूप से 1 जनवरी 2026 से अरियर देने चाहिए। ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉयीज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल का कहना है कि 'जैसा पहले होता आया है, उसी हिसाब से अरियर 1 जनवरी 2026 से मिलना चाहिए। हां, सरकार HRA पर अरियर नहीं देती, इससे उसका खर्च काफी कम हो जाता है।'
पटेल ने उदाहरण देकर बताया कि एक कर्मचारी जिसकी बेसिक सैलरी 76,500 रुपये है, 8th CPC लागू होने पर HRA को अरियर में शामिल न करने से सरकार को लगभग 18,360 रुपये प्रति माह की बचत होती है। लेकिन कर्मचारी-समुदाय की लंबे समय से यह मांग रही है कि HRA पर भी अरियर दिया जाए, ताकि वेतन संरचना पूरी तरह संतुलित रहे। हालांकि पेंशनर्स और कर्मचारियों के एक बड़े वर्ग का मत है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर सरकार कभी-कभी लागू करने की तारीख आगे बढ़ाने या अरियर सीमित रखने जैसे फैसले भी ले सकती है।
कर्मचारी संगठनों ने क्या
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अगर सरकार आर्थिक परिस्थितियों का हवाला देकर अरियर की तारीख आगे खिसकाती है, तो तब तक 7th CPC की ही सैलरी, DA, HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और इंक्रीमेंट लागू रहेंगे। मतलब यह कि कर्मचारी अपने नियमित वार्षिक बढ़ोतरी तो पाते रहेंगे, लेकिन 8th पे कमीशन का लाभ एक तय नई तारीख से ही मिलेगा। फिलहाल सरकार की ओर से कोई अंतिम संकेत नहीं आया है, लेकिन ज़मीनी हालात और पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए उम्मीद यही है कि अरियर 1 जनवरी 2026 से देने की परंपरा टूटनी नहीं चाहिए। अब इसका फैसला बजट और आर्थिक स्थिति तय करेगी।





