8वें वेतन आयोग में बदलेगी यह स्कीम! केंद्रीय कर्मचारियों के प्रमोशन पर होगा असर
कर्मचारी संगठनों ने केंद्रीय कर्मचारियों की मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेसन यानी MACP स्कीम में बदलाव की डिमांड की है। आइए स्कीम के बारे में विस्तार से जानते हैं और ये भी जानेंगे कि कर्मचारी संगठन आखिर क्या बदलाव चाहते हैं।

8th Pay Commission latest: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए गठित आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का हर किसी को इंतजार है। नए वेतन आयोग की ओर से केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर से अलाउंस तक पर क्या सिफारिशें की जाती हैं, ये देखना अहम है। इससे पहले तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। ये कयास कर्मचारी संगठनों की डिमांड को देखते हुए लगाए गए हैं। कर्मचारी संगठनों ने केंद्रीय कर्मचारियों की मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेसन यानी MACP स्कीम में बदलाव की डिमांड की है। आइए स्कीम के बारे में विस्तार से जानते हैं और ये भी जानेंगे कि कर्मचारी संगठन आखिर क्या बदलाव चाहते हैं।
MACP स्कीम क्या है?
दरअसल, इस स्कीम के तहत उन कर्मचारियों को प्रमोट किया जाता है जिन्हें अपने कैडर में नियमित प्रमोशन के अवसर कम मिलते हैं। कर्मचारियों को स्कीम में 30 साल की सेवा में तीन सुनिश्चित प्रमोशन का लाभ मिलता है। यह प्रमोशन क्रमशः 10 साल, 20 साल और 30 साल की सेवा पूरी होने पर दिया जाता है। कर्मचारी को प्रमोशन मिलने की स्थिति में पे मैट्रिक्स में उसे अगले स्तर पर ले जाया जाता है। ऐसे में प्रमोट हुए कर्मचारी को वही सैलरी मिलती है जो सामान्य प्रमोशन के समय लागू किया जाता है।
अब क्या है डिमांड?
नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के स्टाफ साइड की डिमांड है कि 8वें वेतन आयोग को कर्मचारियों के लिए सेवा अवधि में कम से कम 5 प्रमोशन सुनिश्चित करने पर विचार करना चाहिए। इसके साथ ही प्रमोशन की एक स्पष्ट हायरार्किकल संरचना बनाने और मौजूदा MACP स्कीम में मौजूद विसंगतियों को दूर करने की भी मांग की गई है। 8वें वेतन आयोग को दिए गए अपने सुझाव में ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) ने भी कमोबेश ऐसी ही मांग की है। इसके मुताबिक केंद्रीय कर्मचारियों को 30 साल की सेवा अवधि में कम से कम पांच प्रमोशन का अवसर मिलना चाहिए।
यूनियन का कहना है कि मौजूदा MACP योजना कर्मचारियों की करियर में आने वाली रुकावटों को पूरी तरह दूर नहीं कर पा रही है। AITUC के अनुसार कई विभागों में ऊंचे पदों की संख्या सीमित होने और पदों के मर्ज होने के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी वर्षों तक एक ही पद पर अटके रहते हैं, जिससे उन्हें प्रमोशन के मौके नहीं मिल पाते। इसी वजह से यूनियन ने 8वें वेतन आयोग से मांग की है कि सेवा अवधि के दौरान अधिक प्रमोशन सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा व्यवस्था में सुधार किया जाए।
क्या है पात्रता?
सातवें वेतन आयोग के तहत MACP स्कीम का फायदा उसी कर्मचारी को मिलेगा, जिसका आखिरी तीन वर्षों का APAR परफॉर्मेंस न्यूनतम- बहुत अच्छा-हो। अगर ऐसा नहीं है तो फाइनेंशियल अपग्रेडेशन तब तक होल्ड पर रहेगा जब तक कि वह इस पात्रता को प्राप्त नहीं करता है।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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