डीए बढ़ोतरी, 8वें वेतन आयोग पर अपडेट…केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाला है तोहफा
मुख्य बातें
- कर्मचारियों को मौजूदा 7वें वेतन आयोग के तहत DA में बदलाव का लाभ मिलता रहेगा
- आठवें वेतन आयोग के नए अपडेट का भी इंतजार होने वाला है

8th Pay Commission latest: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए अगले कुछ महीने काफी अहम होने वाले हैं। दरअसल, सितंबर या अक्टूबर महीने में 7वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का इंतजार रहेगा। वहीं, आठवें वेतन आयोग के नए अपडेट का भी इंतजार होने वाला है। आइए डिटेल में इसके बारे में जान लेते हैं।
जुलाई छमाही के डीए में होगी बढ़ोतरी?
साल में दो बार केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ता में बढ़ोतरी होती है। पहली छमाही की बढ़ोतरी जनवरी से जून तक की अवधि के लिए है। वहीं, दूसरी छमाही की बढ़ोतरी जुलाई से दिसंबर छमाही तक के लिए होती है। अब तक के पैटर्न के हिसाब से जुलाई छमाही के लिए केंद्रीय कर्मचारियों के भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान सितंबर या अक्टूबर तक हो जाता है। इस बदलाव की गणना 'औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक' (CPI-IW) के 12 महीने के औसत का इस्तेमाल करके की जाती है। चूंकि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को अभी अंतिम रूप दिया जाना और लागू किया जाना बाकी है, इसलिए कर्मचारियों को मौजूदा 7वें वेतन आयोग के तहत DA में बदलाव का लाभ मिलता रहेगा।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में खुदरा महंगाई अप्रैल की तुलना में बढ़ी है, जिसका मुख्य कारण खाने-पीने की चीजों की कीमतें हैं। बढ़ती महंगाई आम तौर पर महंगाई भत्ते में ज्यादा बढ़ोतरी का समर्थन करती है क्योंकि यह भत्ता बढ़ती जीवन-यापन की लागत के असर को कम करने के लिए बनाया गया है।
मौजूदा DA क्या है और इसमें कितनी बढ़ोतरी हो सकती है?
सरकार ने जुलाई 2026 के बदलाव की घोषणा नहीं की है लेकिन महंगाई और CPI-IW के रुझानों पर आधारित मौजूदा अनुमानों से पता चलता है कि इसमें लगभग 2 से 3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हो सकती है।
वर्तमान महंगाई भत्ते की बात करें तो 60 प्रतिशत है। यह लगभग 50.46 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 68.27 लाख पेंशनभोगियों के लिए है।
8वें वेतन आयोग पर क्या है अपडेट?
इधर, 8वें वेतन आयोग को लेकर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं। कर्मचारी संगठनों ने आयोग के समक्ष कई अहम मांगें रखी हैं। इनमें न्यूनतम मूल वेतन में बढ़ोतरी, बेहतर फिटमेंट फैक्टर, पेंशन में सुधार, विभिन्न भत्तों की समीक्षा, वेतन विसंगतियों को दूर करना और कर्मचारियों के हित में व्यापक सुधार शामिल हैं। संगठनों का कहना है कि नई वेतन संरचना मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और बढ़ती महंगाई के अनुरूप होनी चाहिए।


