8वें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों को कितना मिलेगा एरियर, कैल्कुलेशन समझें
8th Pay Commission latest news: अक्टूबर 2025 में केंद्रीय कैबिनेट ने 8वें वेतन आयोग के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को मंजूरी दी। इसका मतलब है कि आयोग सैलरी का अध्ययन कर सकता है और वेतन बढ़ाने का सुझाव दे सकता है।

8th Pay Commission latest news: नए साल के आगाज के साथ अब केंद्रीय कर्मचारियों की निगाहें आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर है। नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में डेढ़ साल से ज्यादा का समय लग सकता है। इसके लागू करने में देरी से कई कर्मचारी अब यह कैल्कुलेशन करने लगे हैं कि जब नए वेतन नियम प्रभावी होंगे, तो उन्हें कितना एरियर मिलेगा। आइए डिटेल में जान लेते हैं।
क्या है मामला?
अक्टूबर 2025 में केंद्रीय कैबिनेट ने 8वें वेतन आयोग के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को मंजूरी दी। इसका मतलब है कि आयोग सैलरी का अध्ययन कर सकता है और वेतन बढ़ाने का सुझाव दे सकता है। हालांकि, सरकार ने अभी तक यह घोषणा नहीं की है कि नया वेतन असल में कब से शुरू होगा। बता दें कि भारत में वेतन आयोग आमतौर पर हर 10 साल में आते हैं। 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी, 2016 को शुरू हुआ था। कई कर्मचारियों को उम्मीद थी कि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी, 2026 को शुरू होगा। अब तक, यह तारीख सिर्फ एक उम्मीद है, कोई आधिकारिक फैसला नहीं। आयोग की सिफारिशों से रक्षा बलों सहित लगभग 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों, साथ ही लगभग 69 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होने की उम्मीद है।
कर्मचारी एरियर के बारे में क्यों बात कर रहे हैं?
एरियर वह अतिरिक्त पैसा है जो तब दिया जाता है जब सैलरी में बढ़ोतरी में देरी होती है लेकिन इसे पिछली तारीख से लागू किया जाता है। अगर वेतन वृद्धि में महीनों या साल की देरी होती है तो कर्मचारियों को उनकी नई सैलरी और पिछले महीनों का छूटा हुआ पैसा (एरियर) मिलता है। अब सवाल है कि एक सरकारी कर्मचारी को कितना एरियर मिल सकता है? इसका जवाब है कि वेतन आयोग जितनी देरी से लागू होगा उतना ही ज्यादा एरियर बनेगा।
उदाहरण के लिए, मान लीजिए आपकी पुरानी सैलरी ₹40,000 प्रति महीना थी और नई सैलरी बढ़ाकर ₹50,000 प्रति महीना कर दी गई है। अब मान लीजिए कि आपकी नई सैलरी जनवरी 2026 से गिनी जा रही है, लेकिन पैसा मई 2027 से दिया जा रहा है। यह 15 महीने की देरी है। इसलिए, एरियर की गणना इस तरह की जाएगी:
₹10,000 x 15 महीने = ₹1,50,000.
इस खास मामले में कर्मचारी को ₹1.5 लाख एरियर के तौर पर मिल सकते हैं।





