डबल होगी केंद्रीय कर्मचारियों की ग्रॉस सैलरी, 8वें वेतन आयोग में मिलेगी खुशखबरी?
मुख्य बातें
- केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है
- बता दें कि वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें 18 महीने में सरकार को सौंपनी है

8th Pay Commission latest: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है। वेतन आयोग भी समयसीमा के भीतर अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए एक्शन मोड में है। इस माहौल के बीच केंद्रीय कर्मचारियों के संगठनों की मांगे भी जोर पकड़ रही हैं। इसमें से एक बड़ी मांग इंक्रीमेंट और बेसिक सैलरी के डीए मर्जर की है। आइए डिटेल जान लेते हैं।
क्या है डिमांड?
कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग को सौंपी अपनी सिफारिशों में सालाना वेतन वृद्धि यानी इंक्रीमेंट की दर बढ़ाने और एक निश्चित स्तर पर महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक सैलरी में मिलाने पर जोर दिया है। ऐसा करने के पीछे एक मुख्य कारण यह है कि ज्यादा सालाना वेतन वृद्धि और DA को बेसिक सैलरी में मिलाने से कर्मचारी के मूल वेतन में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। इससे सभी को, खासकर वेतन मैट्रिक्स के निचले स्तर पर मौजूद कर्मचारियों को राहत मिल सकती है। बता दें कि अभी 3% सालाना इंक्रीमेंट है। इससे लेवल 1 के कर्मचारी के लिए 18,000 रुपये का मूल वेतन 10 साल में बढ़कर 23,486 रुपये (30.47%) हो जाता है। इसके अलावा, उन्हें DA, हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस मिलता है। लेकिन DA और HRA बेसिक पे पर निर्भर करते हैं, जबकि ट्रांसपोर्ट अलाउंस फिक्स्ड होता है और यह तभी बढ़ता है जब DA 50% तक पहुंच जाता है। बता दें कि वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 60 पर्सेंट है।
ईटी की एक खबर में बताया गया है कि अगर संगठनों की मांग को मान ली जाती है तो हर साल मिलने वाली इंक्रीमेंट और DA के बेसिक पे में विलय हो जाएगा और ग्रॉस सैलरी में काफी बढ़ोतरी हो सकती है। एक उदाहरण से पता चलता है कि अगर सालाना इंक्रीमेंट की दर 7% हो और महंगाई भत्ता 25% तक पहुंचने पर उसे बेसिक पे में मिला दिया जाए, तो ग्रॉस सैलरी सिर्फ सात साल में दोगुनी हो जाएगी।
किस संगठन की क्या है मांग?
बता दें कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के मुख्य संगठन नेशनल काउंसिल ऑफ़ द जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने 8वें वेतन आयोग को सौंपे अपने ज्ञापन में सालाना 6% इंक्रीमेंट का प्रस्ताव दिया है। संगठन चाहता है कि सभी भत्तों को तीन गुना बढ़ाया जाए और फिर उन्हें महंगाई भत्ते (DA) में होने वाली बढ़ोतरी से जोड़ा जाए।
वहीं, नेशनल फेडरेशन ऑफ़ पोस्टल एम्प्लॉइज (NFPE) और ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) जैसे कुछ संगठन चाहते हैं कि DA के 25% तक पहुंचने पर इसे बेसिक पे में मिला दिया जाए। दूसरी ओर इंडियन रेलवेज सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) और प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच (PSNM) जैसे संगठन चाहते हैं कि DA के 50% होने पर इसे बेसिक पे में मिलाया जाए।


