8वें वेतन आयोग में बदलेगा पेंशन का गणित? सरकार के सामने आया बड़ा मुद्दा

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मुख्य बातें

  • 8th Pay Commission latest: जानकार मानते हैं कि सरकार के सामने सिर्फ वेतन बढ़ाने की चुनौती नहीं है बल्कि इसके साथ बढ़ने वाले पेंशन और रिटायरमेंट योगदान का बोझ भी एक बड़ा मुद्दा है
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8th Pay Commission latest: अगर केंद्रीय कर्मचारी हैं तो आठवें वेतन आयोग से जुड़ी हर खबर आपके लिए जरूरी है। वैसे तो 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें आने में एक साल का वक्त लग जाएगा लेकिन इससे पहले फिटमेंट फैक्टर को लेकर तरह-तरह की अटकलें लग रही हैं। कर्मचारी संगठनों की ओर से 3 से 5.28 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग की जा रही है लेकिन जानकारों का मानना है कि सरकार के लिए इतनी बड़ी वेतन वृद्धि को लागू करना आसान नहीं होगा।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

पेंशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसी मांगें शायद आर्थिक हकीकत के हिसाब से सही न हों। खासतौर पर तब जब सरकार पर नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) जैसी कॉन्ट्रिब्यूटरी पेंशन स्कीम के तहत जिम्मेदारियां बढ़ रही हैं। ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन के प्रेसिडेंट और पेंशन एक्सपर्ट मंजीत सिंह पटेल के मुताबिक अगर सरकार 2 के आस-पास का फिटमेंट फैक्टर भी देती है, तो भी कुल सैलरी खर्च में काफी बढ़ोतरी हो सकती है।

सरकार पर कितना बोझ?

मंजीत सिंह पटेल ने उदाहरण देते हुए कहा कि मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक पे ₹100 है और उसे अभी 60% महंगाई भत्ता मिलाकर हर महीने ₹160 मिलते हैं। जब रिवाइज्ड फिटमेंट फैक्टर के जरिए बेसिक पे को दोगुना करके ₹200 कर दिया जाएगा, तो कर्मचारी की सैलरी मौजूदा ₹160 से ₹40 बढ़ जाएगी। इस तरह, असल में लगभग 25% की बढ़ोतरी होगी। इससे पता चलता है कि अगर फिटमेंट फैक्टर कर्मचारी संगठनों की मांग से काफी कम भी हो, तब भी सरकारी खर्च में काफी बढ़ोतरी हो सकती है। अगर सरकार 2.0 के आसपास का फिटमेंट फैक्टर भी लागू करती है, तब भी सरकारी खजाने पर 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

बता दें कि वर्तमान में केंद्र सरकार के लगभग 32-33 लाख कर्मचारी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत आते हैं। इसमें कर्मचारी अपने मूल वेतन और डीए का 10 प्रतिशत योगदान देते हैं, जबकि सरकार 14 प्रतिशत योगदान करती है। सरकार हर महीने एनपीएस खातों में लगभग 3,000 करोड़ रुपये का योगदान कर रही है। वहीं यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के तहत सरकारी योगदान 18.5 प्रतिशत तक है। इस वजह से 40,000 रुपये की बेसिक पे में 6,660 रुपये अतिरिक्त जुड़ जाते हैं।

मंजीत सिंह पटेल ने कहा- इसका मतलब है कि 8वें वेतन आयोग के लिए सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी ही एकमात्र महत्वपूर्ण मामला नहीं है। इसके अलावा, सरकार को 55 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों के लिए 14 प्रतिशत NPS और 18.5 प्रतिशत UPS कटौती की देनदारी का बोझ भी उठाना होगा। जो एक बड़ा हिस्सा है।

Deepak Kumar

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हिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।

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