8वां वेतन आयोग: किन केंद्रीय कर्मचारियों को फायदा, सैलरी-एरियर की ये है डिटेल
आठवां वेतन आयोग 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा। वेतन आयोग वेतन को लेकर जो भी सिफारिशें करेगा उसमें फिटमैंट फैक्टर की अहम भूमिका होगी।

8th Pay Commission latest: केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है। यह वेतन आयोग 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा। सिफारिशों के लागू होने से पहले वेतन आयोग से जुड़ी कुछ ऐसी बातें हैं जो केंद्रीय कर्मचारियों को जान लेना जरूरी है। उदाहरण के लिए यह जानना जरूरी है कि कितने केंद्रीय कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। इसके अलावा, सैलरी और एरियर को वेतन आयोग कैसे निर्धारित करते हैं।
8वें वेतन के बारे में
दरअसल, केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और पेंशन को संशोधित करने के लिए हर 10 साल में गठित किया जाता है। इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। इसके सदस्यों में प्रोफेसर पुलक घोष और पंकज जैन शामिल हैं। वेतन आयोग विभिन्न मंत्रालयों, कर्मचारी संघों, पेंशनभोगियों और अन्य संबंधित पक्षों से विचार और सुझाव इकट्ठा करता है। ये सुझाव इकट्ठा हो जाने के बाद वेतन आयोग सैलरी स्ट्रक्चर, पेंशन फॉर्मूलों और भत्तों के पैटर्न का विश्लेषण और अध्ययन करता है और उसके बाद ही अंतिम सिफारिशें देता है।
वेतन आयोग का कब गठन हुआ?
बता दें कि 8वें वेतन आयोग की घोषणा पिछले साल जनवरी महीने में की गई थी। इसके लिए संदर्भ की शर्तें (ToR) पिछले साल नवंबर में जारी की गई थीं। तब से ही सैलरी ग्रोथ, बकाया, संशोधनों और पेंशन स्ट्रक्चर में प्रस्तावित बदलावों के लागू होने को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं। इस बीच, वेतन आयोग के पास अपनी सिफारिशें जमा करने के लिए कुल 18 महीने का समय है।
बता दें कि 7वें वेतन आयोग को बनने से लेकर लागू होने तक 2.5 साल लगे और 6वें वेतन आयोग को 2 साल जबकि 5वें वेतन आयोग को 3.5 साल लगे। बहरहाल, अब वेतन आयोग की 24 अप्रैल 2026 को देहरादून में एक बैठक भी होने वाली है।
फिटमैंट फैक्टर की अहम भूमिका
वेतन आयोग वेतन को लेकर जो भी सिफारिशें करेगा उसमें फिटमैंट फैक्टर की अहम भूमिका होगी। फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा मल्टीप्लायर है जो पुरानी बेसिक पे को नई (संशोधित) बेसिक पे में बदलता है। इस मामले में फैक्टर जितना ज्यादा होगा सैलरी और पेंशन में उतनी ही अधिक बढ़ोतरी होगी। इसका असर प्रोविडेंट फंड में किए जाने वाले योगदान, ग्रेच्युटी से जुड़ी गणनाओं और बेसिक पे से जुड़े रिटायरमेंट के अन्य लाभों पर भी पड़ता है।
आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का फायदा केंद्र सरकार के लगभग 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख रिटायर्ड पेंशनभोगियों को मिलने की उम्मीद है। कहने का मतलब है कि एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। बता दें कि वेतन आयोग की सिफारिशें एक जनवरी 2026 से प्रभावी होने की उम्मीद है। कहने का मतलब है कि केंद्र सरकार के इन कर्मचारियों को एरियर के तौर पर मोटी रकम मिल सकती है।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
और पढ़ें

