फिटमेंट फैक्टर पर केंद्रीय कर्मचारियों को झटका… 8वें वेतन आयोग का बड़ा प्लान
मुख्य बातें
- आठवें वेतन आयोग ने अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपने की तैयारी शुरू कर दी है
- फिटमेंट फैक्टर पर कोई बड़ा सरप्राइज मिलने की उम्मीद नहीं है
- 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए गठित आठवें वेतन आयोग ने अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में वेतन आयोग लगातार कर्मचारी संगठनों या हितधारकों से बैठक कर रहा है। इन बैठकों में सबसे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर को लेकर मांग की जा रही है। ज्यादातर कर्मचारी संगठन 8वें वेतन आयोग में 3 से 5 या उससे अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन उम्मीदों पर पानी फिर सकता है। आइए विस्तार से इसे समझ लेते हैं।
2.64 के आसपास का फिटमेंट फैक्टर
केंद्र सरकार के करीब 55 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों को 8वें वेतन आयोग से भले ही उम्मीदें हों लेकिन फिटमेंट फैक्टर पर कोई बड़ा सरप्राइज मिलने की उम्मीद नहीं है। 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। अब कर्मचारी संगठन 8वें वेतन आयोग में 3 से 5 या उससे अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं। हालांकि पेंशन और वित्तीय मामलों के जानकारों का मानना है कि सरकारी वित्तीय स्थिति को देखते हुए इतना बड़ा गुणक संभव नहीं दिखता। विशेषज्ञों के अनुसार आयोग 2.64 के आसपास का फिटमेंट फैक्टर सुझा सकता है। बता दें कि फिटमेंट फैक्टर वह गुणक (Multiplier) होता है, जिसके आधार पर कर्मचारियों के मूल वेतन और पेंशन में संशोधन किया जाता है।
2.64 के फिटमेंट फैक्टर पर कितना उछाल?
यदि 2.64 के आसपास का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो कर्मचारियों की सैलरी में अच्छा-खासा इजाफा देखने को मिल सकता है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन 20,000 रुपये है और फिटमेंट फैक्टर 2.64 तय होता है, तो उसका नया बेसिक वेतन 50 हजार रुपये के पार चला जाएगा। वहीं, वर्तमान में 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) प्राप्त कर रहे कर्मचारियों को भी वेतन संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही फिटमेंट फैक्टर कर्मचारियों की मांग से कम रहे, फिर भी वेतन में 15 से 25 प्रतिशत तक की प्रभावी बढ़ोतरी संभव है।
बता दें कि 8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। आयोग ने ज्ञापन जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 तक बढ़ा दी है। उम्मीद है कि आयोग जून-जुलाई 2027 तक अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि सिफारिशें बैकडेट में एक जनवरी 2026 से लागू होने वाली हैं। यदि रिपोर्ट में देरी होती है, तो सरकार पर कर्मचारियों और पेंशनरों को एरियर (Arrears) देने का बोझ भी बढ़ सकता है।
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Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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