बेसिक सैलरी में भत्ते का मर्जर… रिटायर केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा तोहफा?
नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (स्टाफ साइड) NC-JCM की ड्राफ्टिंग कमेटी ने 8वें वेतन आयोग से जुड़ी कई अहम मांगें की हैं।

केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। इस इंतजार के बीच केंद्रीय कर्मचारियों के संगठन की ओर से तरह-तरह के डिमांड किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (स्टाफ साइड) NC-JCM की ड्राफ्टिंग कमेटी ने 8वें वेतन आयोग से जुड़ी कई अहम मांगें की हैं, जिसे मान लेने पर केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों को बड़ा फायदा होगा। आइए डिटेल में जान लेते हैं कि आखिर वेतन आयोग से पेंशनभोगियों के लिए क्या कुछ कहा गया है।
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक जैसा फिटमेंट फैक्टर, ग्रेच्युटी की रकम 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 75 लाख रुपये करना, 'वन रैंक वन पेंशन' लागू करना, पेंशन कम्यूटेशन की अवधि घटाकर 11 साल करना, महंगाई राहत (DR) के 25% या उससे ज्यादा होने पर उसे बेसिक पे यानी मूल वेतन में मिला देना शामिल है। इसके अलावा, पेंशनभोगियों के लिए केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) के तहत ज्यादा सुविधाएं देना भी मांग में शामिल है।
एक समान लागू हो फिटमेंट फैक्टर
नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (स्टाफ साइड) NC-JCM ने 8वें वेतन आयोग में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक समान फिटमेंट फैक्टर लागू करने की सिफारिश है। 3.833 के फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश करते हुए ड्राफ्ट कमेटी ने यह सिफारिश की है कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए फिटमेंट फैक्टर एक समान होना चाहिए। वहीं, पेंशनभोगियों को 1 जनवरी, 2026 से बकाया राशि यानी एरियर देने की भी मांग की गई है।
बता दें कि 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हो गया। वन रैंक, वन पेंशन (OROP) योजना की तर्ज पर कमेटी ने सभी केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए भी इसी तरह की योजना की सिफारिश की है। इसका मतलब है कि सिफारिशें लागू होने पर 2016 से पहले रिटायर हुए कर्मचारी, उसके बाद रिटायर हुए कर्मचारी और भविष्य में रिटायर होने वाले कर्मचारी, सभी को एक समान पेंशन मिलेगी बशर्ते रिटायरमेंट के समय उनका पद एक ही रहा हो।
- कमेटी ने सिफारिश की है कि 8वें वेतन आयोग को नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को खत्म कर देना चाहिए और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को वापस लाना चाहिए। बता दें कि केंद्र सरकार ने 1 जनवरी, 2004 को NPS शुरू किया था जबकि UPS 1 अप्रैल, 2025 से लागू हुआ।
- केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अधिकतम ग्रेच्युटी की सीमा को बढ़ाने की मांग की गई है। मांग है कि यह सीमा 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 75 लाख रुपये कर दिया जाना चाहिए। इसमें आगे कहा गया है कि ग्रेच्युटी की गणना महीने के 30 दिनों के बजाय 25 प्रभावी कार्य दिवसों के आधार पर की जानी चाहिए।
- NC-JCM ने सिफारिश की है कि पेंशन कम्युटेशन के बाद पेंशन की बहाली की अवधि को 15 साल से घटाकर 11 साल कर दिया जाए।
-8वें वेतन आयोग को सुझाव दिया गया है कि पूरी पेंशन को पिछली निकाली गई सैलरी के 50% से बढ़ाकर 67% कर दिया जाए या फिर पिछले 10 महीनों की कमाई के औसत के बराबर कर दिया जाए।
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