
8वें वेतन आयोग में बदल जाएगी चर्चित स्कीम, केंद्रीय कर्मचारियों पर पड़ेगा असर!
बता दें कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों से केंद्र सरकार के करीब 50 लाख कर्मचारी और 69 लाख पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। इसके साथ ही इसकी अनुशंसाओं का प्रभाव राज्य सरकारों के कर्मचारियों के वेतन ढांचे पर भी पड़ेगा।
8th pay commission: केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने का इंतजार है। नए वेतन आयोग के लागू होने से केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी से लेकर पेंशन तक में बड़ा बदलाव होने की उम्मीद है। इसके अलावा केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाली हेल्थ फैसलिटीज में भी बदलाव की उम्मीद की जा रही है। केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) को बीमा आधारित नई योजना से बदला जा सकता है।
क्या है उम्मीद?
5वीं, 6वीं और 7वीं वेतन आयोगों ने CGHS की सीमाओं को देखते हुए बीमा मॉडल की सिफारिश की थी। 7वें आयोग ने स्पष्ट कहा था कि स्वास्थ्य बीमा लंबे समय के लिए बेहतर विकल्प है। यही वजह है कि अब आठवें वेतन आयोग से बदलाव की उम्मीद की जा रही है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक खबर में बताया गया था कि सरकार 8वें आयोग के तहत 'सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉयी एंड पेंशनर्स हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम' (CGEPHIS) लाने पर विचार कर रही है। CGEPHIS में IRDAI पंजीकृत बीमा कंपनियों के माध्यम से कैशलेस इलाज निजी अस्पतालों में उपलब्ध होगा, जो CGHS से अधिक व्यापक होगा। हालांकि, अभी सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि CGEPHIS से स्वास्थ्य सेवाएं आधुनिक और पहुंच योग्य होंगी।
18 महीने में रिपोर्ट देगा आयोग
बता दें कि उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई को आठवें वेतन आयोग की कमान सौंपी गई है। आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट 18 महीनों में देगा, जबकि समय-समय पर अंतरिम रिपोर्टें भी देता रहेगा। न्यायमूर्ति देसाई को आयोग का प्रमुख बनाने के साथ भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम), बेंगलूर के प्रोफेसर पुलक घोष को अंशकालिक सदस्य और पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन को सदस्य-सचिव बनाने का भी फैसला किया। न्यायमूर्ति देसाई इस समय भारतीय प्रेस परिषद की चेयरमैन हैं। इससे पहले वह जम्मू-कश्मीर परिसीमन आयोग और उत्तराखंड समान नागरिक संहिता की मसौदा समिति की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। उच्चतम न्यायालय से सेवानिवृत्ति के बाद यह उनका चौथा प्रमुख कार्यभार होगा।
कब से होगा लागू?
आमतौर पर हर 10 वर्ष के अंतराल पर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की जाती हैं। इस परिपाटी को देखते हुए आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के भी जनवरी, 2026 से लागू किए जाने की संभावना है। पिछला यानी सातवां वेतन आयोग फरवरी, 2014 में गठित हुआ था और उसकी सिफारिशें एक जनवरी, 2016 से लागू की गई थीं।





