8वें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों को पहले जैसा तोहफा.. सैलरी का गणित समझें
बता दें कि सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी। वहीं, नवंबर में समिति का गठन हुआ। आम तौर पर आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने में 18 से 24 महीने का समय लगता है। इस बीच, नए वेतन आयोग ने फरवरी महीने में एक वेबसाइट लॉन्च किया था।

8th Pay Commission latest: केंद्रीय कर्मचारियों के बीच इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा आठवें वेतन आयोग की हो रही है। दरअसल, केंद्र सरकार ने पिछले साल आठवें वेतन आयोग का गठन किया था। वेतन आयोग के गठन के बाद अब 18 से 20 महीने में सिफारिशें लागू होंगी। यह वेतन आयोग ना सिर्फ केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर पर सिफारिशें देगा बल्कि भत्ते, पेंशन समेत अन्य सुविधाओं पर भी फैसला करेगा। केंद्रीय कर्मचारियों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या इस बार सैलरी में 7वें वेतन आयोग से भी बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। आइए समझते हैं।
दरअसल, कर्मचारी संगठनों की मांग है कि सातवें वेतन आयोग की तरह इस बार भी सैलरी स्ट्रक्चर को फिटमेंट फैक्टर के आधार पर तय किया जाएगा। संगठनों की चाहत है कि इसे बढ़ाया जाए ताकि कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा इजाफा हो सके। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम वेतन वृद्धि काफी हद तक उस समय के महंगाई भत्ते (DA) के स्तर पर निर्भर करेगी, जब नया वेतन ढांचा लागू किया जाएगा। यही कारण है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर और डीए का स्तर कर्मचारियों की सैलरी तय करने में सबसे अहम भूमिका निभाएगा। आम तौर पर जब नया वेतन आयोग लागू किया जाता है, तब तक जमा हुआ डीए बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाता है और उसी आधार पर नई सैलरी तय होती है।
7वें वेतन आयोग में क्या था फॉर्मूला?
7वें वेतन आयोग में फिटमेंट का फॉर्मूला 2.57 तय किया गया था। उस समय न्यूनतम बेसिक सैलरी 7000 रुपये थी, जिसे 2.57 से गुणा करने के बाद न्यूनतम सैलरी 18,000 रुपये कर दी गई थी। यह लेवल-1 कर्मचारियों के लिए था। इसी तरह, अलग-अलग लेवल कर्मचारियों के लिए रकम भी अलग थी। अब 8वें वेतन आयोग में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह फॉर्मूला क्या होगा और कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
हालांकि, कई विशेषज्ञों का मानना है कि 8वें वेतन आयोग में बहुत ज्यादा बड़ा फिटमेंट फैक्टर मिलना मुश्किल हो सकता है। दूसरी तरफ कर्मचारी संगठनों ने इस बार काफी ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन (FNPO) ने अलग-अलग स्तरों के लिए 3.0 से 3.25 तक का फिटमेंट फैक्टर प्रस्तावित किया है। इसके अनुसार लेवल-1 से 5 के कर्मचारियों के लिए 3.0, लेवल-6 से 12 के लिए 3.05 से 3.10, जबकि शीर्ष स्तर के अधिकारियों के लिए 3.25 तक का फिटमेंट फैक्टर सुझाया गया है।
बता दें कि सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी। वहीं, नवंबर में समिति का गठन हुआ। आम तौर पर आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने में 18 से 24 महीने का समय लगता है। इस बीच, नए वेतन आयोग ने फरवरी महीने में एक वेबसाइट लॉन्च किया था। वेतन आयोग ने कर्मचारियों और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद वेतन बढ़ोतरी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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