कब मिलेगा 18 महीने का डीए एरियर? केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जानना जरूरी
मुख्य बातें
- चूंकि वेतन आयोग सिफारिशें 2027 की पहली छमाही में सौंपेगा तो केंद्रीय कर्मचारियों का एरियर लगभग 18 महीने का बन जाएगा
- जानकार मानते हैं कि सरकार ये एरियर साल 2027 की दूसरी छमाही में रिलीज कर सकती है
- एकमुश्त या किश्तों में एरियर दिए जाने की संभावना है

8th Pay Commission latest news: केंद्र सरकार के कर्मचारी बेसब्री से आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं। ऐसा अनुमान है कि साल 2027 की पहली छमाही तक वेतन आयोग अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप देगा। इन सिफारिशों को सरकार बैकडेट से लागू करने की योजना बना रही है। अगर ऐसा हुआ तो केंद्रीय कर्मचारियों को डीए एरियर के तौर पर करीब 18 महीने की मोटी रकम मिलेगी। आइए जानते हैं कि कब तक डीए एरियर मिलने की उम्मीद है।
18 महीने का एरियर
दरअसल, सरकार आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें एक जनवरी 2026 से लागू करने की योजना बना रही है। ये इसलिए भी क्योंकि 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें दिसंबर 2025 में खत्म हो चुकी हैं। ऐसे में अब नए वेतन आयोग की सिफारिशें जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद जताई जा रही है। चूंकि वेतन आयोग सिफारिशें 2027 की पहली छमाही में सौंपेगा तो केंद्रीय कर्मचारियों का एरियर लगभग 18 महीने का बन जाएगा। जानकार मानते हैं कि सरकार ये एरियर साल 2027 की दूसरी छमाही में रिलीज कर सकती है। एकमुश्त या किश्तों में एरियर दिए जाने की संभावना है।
डीए को मूल वेतन में मर्ज करने की मांग
इस बीच, कर्मचारी संगठनों ने सरकार से वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट आने से पहले अंतरिम राहत देने की मांग तेज कर दी है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि सरकार अभी महंगाई भत्ता (DA) को मूल वेतन में मर्ज कर दे तो भविष्य में बनने वाला भारी-भरकम एरियर बोझ काफी हद तक कम हो सकता है।
ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनजीत सिंह पटेल के अनुसार, यदि भविष्य में फिटमेंट फैक्टर 2.0 तय होता है, तो सरकार फिलहाल 1.5 गुना तक वेतन संशोधन लागू कर सकती है और बाद में शेष 0.5 हिस्से का भुगतान एरियर के रूप में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई, ईंधन कीमतों और रोजमर्रा की जरूरतों के खर्च से कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए अंतरिम राहत जरूरी है। पटेल के मुताबिक, डीए को बेसिक पे में जोड़ने के बाद एचआरए और ट्रांसपोर्ट अलाउंस जैसे अन्य भत्तों में भी बाद में संशोधन किया जा सकता है।
सरकार का स्टैंड
हालांकि वित्त मंत्रालय फिलहाल इस मांग पर सतर्क रुख अपनाए हुए है। दिसंबर 2025 में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में लिखित जवाब में स्पष्ट किया था कि सरकार की फिलहाल डीए को मूल वेतन में विलय करने की कोई योजना नहीं है। बता दें कि नए वेतनमान लागू होने पर सरकार को बेसिक पे, डीए, एचआरए, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और पेंशन एरियर का भुगतान करना होगा। 7वें वेतन आयोग के लागू होने के दौरान भी सरकार पर 1.02 लाख करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा था।
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