8th Pay Commission: अगर ऐसा हुआ तो बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹72,000 हो जाएगी
मुख्य बातें
- 8th Pay Commission: कोलकाता बैठक में भाग लेने वाले कर्मचारी संघ और हितधारक कई लंबित मांगों को उठा सकते हैं
- इनमें सबसे महत्वपूर्ण फिटमेंट फैक्टर में बड़े संशोधन की मांग है
- अगर 4 गुना फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव आयोग मान लेता है तो मिनिमम बेसिक सैलरी 72,000 रुपये हो जाएगी

केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशनर्स के पेंशन को लेकर आज कोलकाता में 8वें वेतन आयोग की दो दिवसीय स्टेक होल्डर्स की बैठक शुरू हो रही है। यह बैठक 10 जुलाई तक चलेगी और इसमें विभिन्न कर्मचारी संघों, पेंशनर्स संगठनों और अन्य हितधारकों से फीडबैक, विचार और सुझाव लिए जाएंगे। इस बैठक में भाग लेने वाले कर्मचारी संघ और हितधारक कई लंबित मांगों को उठा सकते हैं। सरकार अंतिम निर्णय लेने से पहले इन बैठकों को बेहद अहम मान रही है। हाल ही में भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ ने 4 गुना फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है। अगर यह प्रस्ताव आयोग मान लेता है तो मिनिमम बेसिक सैलरी 72,000 रुपये हो जाएगी।
इससे पहले कहां-कहां हुई बैठकें
कोलकाता से पहले 8वें वेतन आयोग ने 6-7 जुलाई को भुवनेश्वर में परामर्श बैठकें आयोजित की थीं, जहां संघों, कर्मचारी यूनियनों, पेंशनभोगियों और अन्य हितधारकों के साथ चर्चा हुई। इसके अलावा, दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद, श्रीनगर और लद्दाख में भी इसी तरह की बैठकें पहले ही आयोजित की जा चुकी हैं।
इन बैठकों में कर्मचारियों की आम शिकायतों और उम्मीदों पर चर्चा होने की संभावना है। इन बैठकों से मिले सुझाव 8वें वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट का मार्ग प्रशस्त करेंगे। यह रिपोर्ट केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के जीवन को सीधे प्रभावित करेगी और यह तय करेगी कि उनके वेतन में किस तरह संशोधन किया जाएगा।
कोलकाता बैठक में किन मुद्दों पर होगी जोरदार बहस
फिटमेंट फैक्टर को लेकर उठेगी सबसे बड़ी मांग: कोलकाता बैठक में भाग लेने वाले कर्मचारी संघ और हितधारक कई लंबित मांगों को उठा सकते हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण फिटमेंट फैक्टर में बड़े संशोधन की मांग है। अधिकांश संघ 2.86 से 3.8 के बीच फिटमेंट फैक्टर चाहते हैं, जबकि 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था। इसी तरह, नेशनल काउंसिल स्टाफ साइड ने अपने प्रस्तावों में 3.833 का फिटमेंट फैक्टर सुझाया है।
न्यूनतम मूल वेतन बढ़ाने की मांग: संघों के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर एक अहम पैमाना है क्योंकि यह संशोधित मूल वेतन तय करता है। इसलिए संघ न्यूनतम मूल वेतन में वृद्धि की मांग करेंगे। वर्तमान में यह राशि 18,000 रुपये है।
पुरानी पेंशन योजना की वापसी की मांग: कर्मचारी संघों की एक और बड़ी मांग पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली है। केंद्र सरकार द्वारा एकीकृत पेंशन योजना लागू करने के बाद भी कई कर्मचारी संघ पुरानी पेंशन योजना की वापसी के लिए जोर देते रहे हैं।
8वें वेतन आयोग की खास बातें
8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार द्वारा जनवरी 2025 में पेश किया गया था और 3 नवंबर 2025 को इसका गठन किया गया। आयोग को अपनी सिफारिशें पेश करने के लिए 18 महीने की समय-सीमा दी गई है। इसके तहत, आयोग देश की आर्थिक स्थितियों, आर्थिक वास्तविकताओं, राजकोषीय स्थिरता, सरकारी वित्त, पेंशन देनदारियों, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में सैलरी स्ट्रक्चर, निजी क्षेत्र के मुआवजे और सेवा शर्तों का आकलन करेगा, इसके बाद ही अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगा।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


