8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट में देरी...किस आधार पर मिलेगा एरियर, समझें गणित
मुख्य बातें
- 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें सौंपने की डेडलाइन साल 2027 की पहली छमाही में है
- इसके बाद सरकार को रिपोर्ट की समीक्षा और उसे लागू करने में 3 से 6 महीने और लग सकते हैं

8th Pay Commission latest: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है। वैसे तो वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय मिला था लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि डेडलाइन मिस हो सकती है। अगर ऐसा हुआ तो अलग-अलग लेवल के कर्मचारियों को एरियर का नुकसान हो सकता है । बता दें कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें सौंपने की डेडलाइन साल 2027 की पहली छमाही में है। इसके बाद सरकार को रिपोर्ट की समीक्षा और उसे लागू करने में 3 से 6 महीने और लग सकते हैं। कहने का मतलब है कि वास्तविक कार्यान्वयन अगस्त 2027 या दिसंबर 2027 तक भी खिंच सकता है।
एरियर किन चीजों पर मिलेगा?
पिछले वेतन आयोगों के अनुभव को देखें तो आमतौर पर एरियर का सबसे बड़ा हिस्सा संशोधित बेसिक पे पर मिलता है। इसमें महंगाई भत्ता यानी DA और हाउस रेंट अलाउंस यानी HRA के अलावा ट्रांसपोर्ट अलाउंस जैसे भत्तों का एरियर मिलना सरकार की अलग घोषणा पर निर्भर करता है। कहने का मतलब है कि अगर आठवें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों को एरियर मिलेगा तो वो सिर्फ बेसिक पे पर होगा। बता दें कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें एक जनवरी 2026 से लागू किए जाने की चर्चा है। इसका मतलब है कि केंद्रीय कर्मचारियों के एरियर की रकम 18 से 22 महीनों तक की हो सकती है।
DA पर क्या फैसला होगा?
DA कर्मचारी की बेसिक सैलरी के आधार पर तय होता है और साल में दो बार संशोधित किया जाता है। वेतन आयोग की अवधि खत्म होने के बावजूद DA में नियमित संशोधन जारी रहता है। इसलिए 8वें वेतन आयोग के लागू होने में देरी होने पर भी DA में समय-समय पर बढ़ोतरी होती रहेगी। पहली छमाही का डीए बीते अप्रैल महीने में ऐलान किया गया था। अब दूसरी छमाही के डीए पर फैसला सितंबर या अक्टूबर तक हो सकता है। ऐसे में कहा जा सकता है कि इसे सामान्य तौर पर 8वें वेतन आयोग के एरियर में अलग से नहीं जोड़ा जाता।
HRA पर क्या असर पड़ेगा?
हाउस रेंट अलाउंस की बात करें तो बेसिक पे से जुड़ा होता है। फिलहाल X, Y और Z श्रेणी के शहरों के लिए हाउस रेंट अलाउंस की दरें क्रमशः 30%, 20% और 10% हैं।
हालांकि यहां गणना के लिए X श्रेणी के शहरों में 24% HRA की धारणा ली गई है, ताकि अनुमानित एरियर की गणना की जा सके। 8वें वेतन आयोग में बेसिक पे बढ़ने पर HRA की रकम भी अपने आप बढ़ सकती है। लेकिन पिछली व्यवस्था को देखते हुए इस बढ़ी हुई HRA राशि का पूरा एरियर मिलना जरूरी नहीं है। यह सरकार के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा। ट्रांसपोर्ट अलाउंस की बात करें तो कर्मचारी के लेवल और पोस्टिंग वाले शहर के आधार पर तय होती है। इस पर भी वेतन आयोग सिफारिशें कर सकता है।


