
मुख्य बातें

मिल्की मिस्ट डेयरी फूड के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। लगातार तीन कारोबारी सत्रों में यह 27% चढ़ गया है। कंपनी का मुनाफा पहली तिमाही में 890 प्रतिशत बढ़ने की खबर से निवेशक स्टॉक पर टूट पड़े। गुरुवार सुबह बीएसई पर यह स्टॉक 6% से ज्यादा चढ़कर 268.75 रुपये के रिकॉर्ड हाईपर पहुंच गया। शेयर ने पिछले तीन दिनों में कुल मिलाकर 27% का उछाल मारा है।
दरअसल, 1 सितंबर (मंगलवार) से ही मिल्की मिस्ट के शेयर हरे निशान पर हैं, और इसकी वजह है कंपनी के शानदार जून तिमाही (Q1) के नतीजे। 31 अगस्त को बाजार बंद होने के बाद कंपनी ने अपने तिमाही परिणाम जारी किए। इसमें बताया गया कि वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही (Q1FY27) में कंपनी का शुद्ध मुनाफा (PAT) पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले करीब 890% बढ़कर 64.68 करोड़ रुपये हो गया।
वहीं, रेवेन्यू भी 43.6% उछलकर 973.45 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो सभी उत्पादों की अच्छी बिक्री की वजह से हुआ। कंपनी का EBITDA 74.5% बढ़कर 144.89 करोड़ रुपये हो गया, और EBITDA मार्जिन 12.24% से बढ़कर 14.88% पर आ गया।
एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट सीमा श्रीवास्तव का कहना है कि लंबी अवधि में इस कंपनी का असली दम वैल्यू-एडेड डेयरी उत्पादों (सिर्फ दूध नहीं) में है, जिसने FY24 से FY26 तक 31.26% की सालाना बढ़ोतरी दी है।
कंपनी की पेरुंदुराई प्लांट ऑटोमेटेड है, 74,600 से ज्यादा किसानों से सीधा दूध खरीदा जाता है, और IPO से मिले 1,428-1,475 करोड़ रुपये कर्ज घटाने और क्षमता बढ़ाने में लगेंगे। ये सब बातें मजबूत बुनियाद का संकेत देती हैं।
सीमा यह भी कहती हैं कि अभी शेयर की कीमत 254 रुपये पर 84.86 का P/E है, जो काफी महंगा है। FY26 की अनुमानित कमाई (EPS) 1.65 रुपये के हिसाब से यह बहुत ऊंचा भाव है, और 10 गुना की इतनी तेज बढ़ोतरी हर बार नहीं हो सकती। बता दें मिल्की मिस्ट के शेयर 18 अगस्त को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हुए थे। अगर मौजूदा कीमत 268.75 रुपये देखें तो यह IPO प्राइस 140 रुपये से करीब 92% ऊपर है।
रिस्क की बात करें तो कंपनी की ज्यादातर बिक्री दक्षिण भारत में है, तमिलनाडु से दूध खरीद पर निर्भरता है, और बड़े निवेश को सही से लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उनकी सलाह है कि जिन्हें IPO में शेयर मिले हैं, वे इसे होल्ड करें, लेकिन नए निवेशकों को इस ऊंचे भाव पर अंधाधुंध खरीदारी से बचना चाहिए।
कंपनी का कहना है कि वह आगे भी वैल्यू-एडेड फूड प्रोडक्ट्स (जैसे पनीर, दही, मिठाई वगैरह) पर फोकस करेगी, और अपने ब्रांड व डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करेगी।
कंपनी के होलटाइम डायरेक्टर और सीईओ के. रत्नम ने कहा, "FY27 में हमारा ध्यान मुनाफे के साथ बढ़ोतरी पर रहेगा। हम नए प्रोडक्ट लाएंगे, अपनी मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन क्षमता बढ़ाएंगे, और नए बाजारों में पहुंच बनाएंगे। साथ ही, खर्चों पर कंट्रोल रखेंगे और अपनी वित्तीय सेहत का ध्यान रखेंगे।”
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें