वेतन आयोग ने उठाया बड़ा कदम, इन सरकारी कर्मचारियों को जानना जरूरी
मुख्य बातें
- पश्चिम बंगाल सरकार के 7वें वेतन आयोग ने एक खास वेबसाइट बनाने का फैसला किया है
- वेबसाइट यह पक्का करने में मदद करेगी कि कर्मचारियों और दूसरे संबंधित लोगों तक सिर्फ सही जानकारी ही पहुंचे

7th Pay Commission latest: केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है। वेतन आयोग की सिफारिश देने की डेडलाइन अगले साल की पहली छमाही में पूरी हो रही है। इस माहौल के बीच 7वां वेतन आयोग अपनी सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपने के लिए तैयारी में जुट गया है। इसी कड़ी में एक अहम कदम भी उठाया है।
किस राज्य का वेतन आयोग
दरअसल, पश्चिम बंगाल सरकार के 7वें वेतन आयोग ने अपनी कार्यवाही और आधिकारिक अपडेट को जनता तक पहुंचाने के लिए एक खास वेबसाइट बनाने का फैसला किया है। यह फैसला राज्य सचिवालय में आयोग की पहली बैठक के दौरान लिया गया, जो सरकार द्वारा इसके काम-काज के नियम औपचारिक रूप से घोषित किए जाने के कुछ ही समय बाद हुई। अधिकारी ने साफ किया कि आयोग ने अभी तक वेतन, भत्ते या पेंशन में किसी बदलाव का प्रस्ताव नहीं दिया है। उम्मीद है कि यह वेबसाइट जल्द ही शुरू हो जाएगी और इस पर आयोग की गतिविधियों, आधिकारिक नोटिफिकेशन और संबंधित स्टेकहोल्डर्स के लिए अपने विचार और जरूरी डेटा जमा करने के मौकों की जानकारी मिलेगी। इसके जरिए कर्मचारी और अन्य संबंधित लोग पैनल को ज्ञापन भी सौंप सकेंगे।
अधिकारी ने बताया कि वेतन आयोग ने सरकारी कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही जानकारी या दस्तावेजों पर भरोसा न करने की अपील की है। उन्होंने आगे कहा कि यह खास वेबसाइट इसलिए बनाई जा रही है ताकि आयोग से जुड़ी सभी वेरिफाइड जानकारी एक ही अधिकृत प्लेटफॉर्म पर मिल सके। यह वेबसाइट यह पक्का करने में मदद करेगी कि कर्मचारियों और दूसरे संबंधित लोगों तक सिर्फ सही जानकारी ही पहुंचे।
7वें वेतन आयोग के सदस्य
पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों के लिए गठित 7वें वेतन आयोग के पैनल के प्रमुख रिटायर्ड IAS अधिकारी अतानु चक्रवर्ती हैं। सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च के सीनियर फेलो पार्थ मुखोपाध्याय और IIM कलकत्ता में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर पार्थप्रतिम पाल इसके सदस्य हैं। IAS अधिकारी देबीप्रसाद कर्णम सदस्य-सचिव के तौर पर काम कर रहे हैं।
वेतन आयोग क्या काम करेगा
पश्चिम बंगाल में वेतन आयोग राज्य सरकार के कर्मचारियों के मौजूदा वेतन ढांचे के साथ-साथ महंगाई भत्ता, विशेष और यात्रा भत्ते, प्रमोशन के नियम, पेंशन और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले दूसरे लाभों की समीक्षा करे। वेतन आयोग यह देखेगा कि किसी भी बदले हुए वेतन ढांचे के तहत शुरुआती वेतन कैसे तय किया जाए।
यह पैनल राज्य सरकार के कर्मचारियों के वेतन स्तर को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन स्तर के बराबर लाने की संभावनाओं पर भी विचार करेगा।


