
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जबरदस्त है यह योजना, सरकार पूरा करेगी घर का सपना
बता दें कि हाउस बिल्डिंग एडवांस की सुविधा केंद्र सरकार के स्थायी कर्मचारियों को मिलती है। कुछ शर्तों के साथ अस्थायी कर्मचारी भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। हालांकि, यह जरूरी है कि केंद्रीय कर्मचारी ने कम से कम 5 साल की सरकारी सेवा पूरी की हो।
7th pay commission: अपने घर का सपना हर कोई देखता है लेकिन इसे साकार करना इतना आसान भी नहीं होता। हालांकि, केंद्रीय कर्मचारियों को घर बनाने के लिए सरकार की ओर से मदद मिल जाती है। यह मदद केंद्र सरकार की हाउस बिल्डिंग एडवांस (HBA) योजना के तहत मिलती है। आइए योजना के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
हाउस बिल्डिंग एडवांस (HBA) योजना
दरअसल, योजना के तहत केंद्रीय कर्मचारी ₹1.25 करोड़ तक मूल्य के मकान, फ्लैट या प्लॉट के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने पर केंद्रीय कर्मचारियों को अधिकतम अग्रिम राशि (एडवांस) ₹25 लाख तक मिल जाती है। HBA नियमों के मुताबिक, कोई भी कर्मचारी अपने मूल वेतन के 139 गुना या ₹1 करोड़, जो भी कम हो, तक की लागत वाले मकान या फ्लैट के लिए एडवांस ले सकता है। नियमों के अनुसार, अधिकतम एडवांस राशि कर्मचारी के 34 महीने के मूल वेतन के बराबर होगी, लेकिन यह ₹25 लाख से अधिक नहीं हो सकती। इसके साथ ही यह राशि मकान या फ्लैट की कुल लागत और कर्मचारी की चुकाने की क्षमता में से जो भी कम हो, उसी के आधार पर तय की जाएगी।
किन कर्मचारियों को मिलती है सुविधा
बता दें कि हाउस बिल्डिंग एडवांस की सुविधा केंद्र सरकार के स्थायी कर्मचारियों को मिलती है। कुछ शर्तों के साथ अस्थायी कर्मचारी भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। हालांकि, यह जरूरी है कि केंद्रीय कर्मचारी ने कम से कम 5 साल की सरकारी सेवा पूरी की हो। वे कर्मचारी जो पहले से किसी बैंक या वित्तीय संस्था से होम लोन ले चुके हैं, वे भी चाहें तो अपने मौजूदा लोन को HBA में बदल सकते हैं। इसके अलावा कर्मचारी के नाम पर कोई सरकारी आवास या पूर्व में आवास संबंधी सरकारी लाभ न लिया गया हो। वहीं, पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हों तो केवल एक ही HBA ले सकता है। वर्तमान में HBA पर ब्याज दर 7.44 प्रतिशत निर्धारित की गई है। यह ब्याज दर हर वित्तीय वर्ष में वित्त मंत्रालय से परामर्श के बाद समीक्षा की जाती है।





