भारत के पास 74 दिनों का कच्चे तेल का भंडार, आफत या अभी है राहत

Mar 03, 2026 12:53 pm ISTDrigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

Hormuz Strait: देश के पास करीब 74 दिनों का कच्चे तेल का रणनीतिक भंडार मौजूद है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह भंडार शुरुआती तौर पर किसी भी सप्लाई में रुकावट से निपटने के लिए पर्याप्त है। हालांकि, अगर तनाव लंबा खिंचता है और तेल की सप्लाई बाधित होती है, तो इस रणनीतिक भंडार पर दबाव बढ़ सकता है।

भारत के पास 74 दिनों का कच्चे तेल का भंडार, आफत या अभी है राहत

पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत के पास फिलहाल राहत देने वाला आंकड़ा है। देश के पास करीब 74 दिनों का कच्चे तेल का रणनीतिक भंडार मौजूद है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह भंडार शुरुआती तौर पर किसी भी सप्लाई में रुकावट से निपटने के लिए पर्याप्त है। हालांकि, अगर तनाव लंबा खिंचता है और तेल की सप्लाई बाधित होती है, तो इस रणनीतिक भंडार पर दबाव बढ़ सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट: आपूर्ति की जीवनरेखा पर संकट

भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बेहद अहम है। भारत के कुल कच्चे तेल आयात का करीब 50 फीसदी और एलपीजी (रसोई गैस) का बड़ा हिस्सा रोजाना इसी संकरे समुद्री रास्ते से गुजरता है। अभी ईरान ने इसे बंद कर दिया है।

इस मार्ग से इराक, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत का तेल भारत पहुंचता है। फारस की खाड़ी में जहाजों पर हमलों की खबरों ने इस मार्ग से आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि बीमा कंपनियों ने मालवाहक जहाजों की कवरेज वापस लेनी शुरू कर दी है।

होर्मुज स्ट्रेट की कितनी है चौड़ाई

होर्मुज स्ट्रेट अपने सबसे संकरे बिंदु पर लगभग 33 से 39 किलोमीटर चौड़ा है। ईरान और ओमान के बीच स्थित यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग, फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है, और इसके जहाजरानी मार्ग प्रत्येक दिशा में केवल 3 किलोमीटर चौड़े हैं।

क्रूड के 100 डॉलर के पार जाने की आशंका

तनाव का सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ा है। सोमवार को वायदा कारोबार में कच्चे तेल की कीमत 504 रुपए उछलकर 6,596 रुपए प्रति बैरल के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य से टैंकरों की आवाजाही जल्द बहाल नहीं होती है, तो वैश्विक स्तर पर कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकता है। इससे भारत का आयात बिल तो बढ़ेगा ही, साथ ही घरेलू बाजार में ईंधन की महंगाई भी बढ़ सकती है।

विकल्प तलाशते भारत: रूस से आयात बढ़ाने की तैयारी

बढ़ते संकट को देखते हुए सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों का कहना है कि भारत कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए सुरक्षित मार्गों को तरजीह दे सकता है। ऐसे में रूस से कच्चे तेल का आयात बढ़ाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। मई 2022 के बाद रूस से आयात में कमी आई थी, लेकिन अब इसे फिर से बढ़ाया जा सकता है।

ओपेक प्लस का फैसला: उत्पादन बढ़ाने की घोषणा

इस बीच, तेल उत्पादक देशों के समूह ओपेक प्लस (OPEC Plus) ने अप्रैल से उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है। समूह के आठ सदस्य देशों ने प्रतिदिन 2.06 लाख बैरल कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने की घोषणा की है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया में स्थिति सामान्य नहीं होती है, तो उत्पादन बढ़ाने के इस फैसले का कीमतों पर खास असर नहीं पड़ेगा।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

और पढ़ें
जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,