
6 छोटे सरकारी बैंकों के मर्जर की तैयारी, देश में तैयार होगा एक बड़ा बैंक
इंडियन ओवरसीज बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया जैसे करीब छह छोटे बैंकों का मर्जर एसबीआई, पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े बैंकों में किया जा सकता है। इसको लेकर शुरुआती स्तर पर बातचीत चल रही है।
आने वाले समय में देश के बैंकिंग क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है। केंद्र सरकार करीब पांच साल बाद बैंकों से जुड़ी पुनर्गठन योजना पर काम कर रही है, जिसके तहत कुछ छोटे सार्वजनिक क्षेत्र के सरकारी बैंकों को बड़े बैंकों में मिलाया जा सकता है। इसके बाद देश में पीएसयू बैंकों की संख्या घट जाएगी, लेकिन सरकार का मानना है कि इस कदम से देशभर में बैंकों के काम करने की क्षमता में बढ़ोतरी होगी। साथ ही, देश में एक बड़ा बैंक तैयार होगा।
सूत्रों के अनुसार इंडियन ओवरसीज बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया जैसे करीब छह छोटे बैंकों का मर्जर एसबीआई, पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े बैंकों में किया जा सकता है। इसको लेकर शुरुआती स्तर पर बातचीत चल रही है। लंबी चर्चा के बाद सरकार इन बैंकों के मर्जर को लेकर अलगे वित्तीय वर्ष में कोई फैसला ले सकती है।
सरकार चाहती है कि देश में छोटे पीएसयू बैंकों की जगह कुछ मजबूत और बड़े सरकारी बैंक तैयार किए जाएं, जिससे आने वाले समय में आर्थिक विकास को मजबूती मिले। पुनर्गठन के बाद बैंकों के पास अधिक अधिक धनराशि उपलब्ध होगी, जिसका उपयोग वह अधिक ऋण वितरण में कर सकेंगे। खासकर बैंक बड़ी परियोजनाओं के लिए भी ऋण देने में सक्षम होंगे। वहीं, मर्जर होने से बैंकों की परिचालन यानी प्रशासनिक खर्च में कमी आएगी।
हालांकि छोटे बैंकों के मर्जर को लेकर सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। ध्यान रहे कि इससे पूर्व नीति आयोग ने भी सरकार से सिफारिश की थी कि देश में मजबूत बैंकिंग सिस्टम तैयार करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के छोटे बैंकों का बड़े बैंकों में मर्जर किया जाए, जिसके बाद से लगातार मर्जर किया जा रहा है।
अभी तक किए गए बैंकों के मर्जर
- अप्रैल 2017 में एसबीआई ने अपने छह सहयोगी बैंकों को मिलाया था, जिसमें स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर और भारतीय महिला बैंक शामिल थे, जिसके बाद एसबीआई देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक बना।
- अप्रैल 2020 में पीएनबी में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया को मिलाया गया, जिससे पीएनबी दूसरा सबसे बड़ा पीएसयू बैंक बना।
- अप्रैल 2019 में बैंक ऑफ बड़ौदा में विजया बैंक और देना बैंक का मर्जर किया गया, जिसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा देश का तीसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक बन गया।
- 2017–2020 के बीच कई छोटे पीएसयू बैंकों का बड़े बैंकों में मर्जर किया जा चुका है। इसके बाद देश में सरकारी बैंकों की संख्या 27 से घटकर 12 रह गई थी।





