रिलायंस के शेयरों को लेकर 34 एनालिस्ट्स में से 33 ने कह दी ये बड़ी बात, देखें टार्गेट प्राइस
RIL Share Price: गोल्डमैन सैक्स ने रिलायंस के लिए सबसे अधिक 1,910 रुपये का टार्गेट प्राइस रखा है। मॉर्गन स्टैनली ने रिलायंस पर ओवरवेट रेटिंग दी है। सीएलएसए ने रिलायंस पर बेहतर प्रदर्शन की राय बरकरार रखते हुए 1,800 रुपये का प्राइस टार्गेट दिया है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरों को लेकर बाजार के जानकार बुलिश हैं। शुक्रवार शाम को नतीजे जारी होने के बाद जितने भी एनालिस्ट्स ने अपनी राय दी है, उनमें से अधिकांश ने इस स्टॉक को ‘खरीदने’ की सलाह दी है। कुल 34 एनालिस्ट्स में से 33 ने ‘बाय’ रेटिंग दी है, जबकि सिर्फ एक ने ‘बेचने’ का सुझाव दिया है।
गोल्डमैन सैक्स ने सबसे ऊंचा टार्गेट दिया
अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने रिलायंस के लिए सबसे अधिक 1,910 रुपये का टार्गेट प्राइस रखा है। यह शुक्रवार के बंद भाव से 44 प्रतिशत की तेजी का संकेत देता है। यानी अगर यह टार्गेट पूरा होता है, तो निवेशकों को अच्छा मुनाफा हो सकता है।
नोमुरा को जियो आईपीओ से बड़ी उम्मीदें
जापानी ब्रोकरेज नोमुरा ने भी रिलायंस पर अपनी ‘खरीद’ की राय बरकरार रखी है। उसने 1,680 रुपये का प्राइस टार्गेट दिया है। नोमुरा का कहना है कि अब सबकी निगाहें जियो के आईपीओ पर टिकी हैं, क्योंकि यही शेयर की कीमत के लिए सबसे अहम कैटलिस्ट है।
मॉर्गन स्टैनली ने क्या कहा?
मॉर्गन स्टैनली ने रिलायंस पर ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी है और 1,803 रुपये का टार्गेट रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि केमिकल और एनर्जी मार्केट की मजबूती का फायदा उठाना और रिटेल कारोबार की आय (टॉपलाइन) में लगातार सुधार, रिलायंस को हाल के दिनों के कमजोर प्रदर्शन से उबारने के लिए जरूरी है।
कमजोरी और मजबूती क्या है
हाल ही में समाप्त तिमाही के दौरान कुछ खामियां भी सामने आई हैं। ऑयल-टू-केमिकल (O2C) से होने वाले मार्जिन में दूसरी कंपनियों के मुकाबले कमी रही। वहीं अपस्ट्रीम ऑयल और गैस उत्पादन डिवीजन का ईबीआईटीडीए भी अधिक लागत के कारण कमजोर रहा। हालांकि, रिटेल और एफएमसीजी कारोबार इस दौरान सकारात्मक रहे।
सीएलएसए ने घटाए ईपीएस के अनुमान
सीएलएसए ने रिलायंस पर ‘आउटपरफॉर्म’ (बेहतर प्रदर्शन) की राय बरकरार रखते हुए 1,800 रुपये का प्राइस टार्गेट दिया है। हालांकि उसने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के प्रति शेयर आय के अनुमान में 2 प्रतिशत की कटौती की है। ब्रोकरेज के अनुसार, अभी तक जिन एफएमसीजी और मीडिया कारोबार का मूल्यांकन नहीं हुआ है, उनका शानदार प्रदर्शन और सोलर व बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में नई एनर्जी क्षमता जल्द शुरू होने का भरोसा, सकारात्मक पहलू हैं।
रिटेल और O2C में सुधार के आसार
सीएलएसए का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में रिटेल और O2C कारोबार के प्रदर्शन में सुधार होना, रिलायंस के शेयर के लिए अगला बड़ा ट्रिगर होगा। पिछली तिमाही में रिलायंस का रिटेल कारोबार मजबूत रहा, जहां राजस्व में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं जियो ने सालाना आधार पर ग्राहक जोड़ने के मामले में पिछली सात तिमाहियों का सर्वोच्च स्तर हासिल किया है। कंपनी के प्रबंधन ने यह भी कहा कि वे जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
शेयर का मौजूदा हाल क्या है?
आज बीएसई में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर शुरुआती कारोबार में बहुत ही मामूली गिरावट के साथ 1,327.20 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। इस साल (साल-दर-साल) अब तक यह शेयर 15.78 प्रतिशत नीचे है। यानी जनवरी से अब तक रिलायंस ने निवेशकों को नुकसान दिया है, लेकिन एक्सपर्ट्स को अब भी इसमें मुनाफे की उम्मीद दिख रही है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


