पेंशन के साथ अब हेल्थ इंश्योरेंस भी…बड़ा तोहफा देने की तैयारी में सरकार
पेंशन कोष नियामक PFRDA अपने निवेशकों को अब पेंशन के साथ हेल्थ इंश्योरेंस कवर भी देने की तैयारी में है। बता दें कि PFRDA ने इस साल जनवरी में 'स्वास्थ्य' प्लेटफॉर्म की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत निवेशक की पेंशन राशि का अधिकतम 30 प्रतिशत हिस्सा चिकित्सा खर्चों के लिए अलग रखा जा सकता है।

केंद्र सरकार निवेशकों को अब पेंशन के साथ हेल्थ इंश्योरेंस कवर भी देने की तैयारी में है। PFRDA के चेयरमैन एस. रमन ने शुक्रवार को बताया कि तीन पेंशन फंड निवेशकों के लाभ के लिए हेल्थ कवर देने वाली पेंशन योजनाएं लाने पर काम कर रहे हैं। ये पेंशन योजनाएं या तो हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों के साथ गठजोड़ के जरिये या सीधे हेल्थ सर्विस प्रोवाइडर के सहयोग से पेश की जा सकती हैं। रमन ने कहा कि यह पहल 'स्वास्थ्य' पेंशन योजना के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य लोगों को चिकित्सा जरूरतों के लिए अलग से बचत करने के लिए जागरूक करना है।
क्या कहा पीएफआरडीए के चेयरमैन ने?
उन्होंने कहा- हम चाहते हैं कि लोग खुद को सुरक्षित रखने की अहमियत को समझें। हम चाहते हैं कि लोग मेडिकल पेंशन योजना में पैसा बचत करें। यह राशि केवल चिकित्सा उद्देश्यों के भुगतान के लिए समर्पित होगी। बता दें कि PFRDA ने इस साल जनवरी में 'स्वास्थ्य' प्लेटफॉर्म की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत निवेशक की पेंशन राशि का अधिकतम 30 प्रतिशत हिस्सा चिकित्सा खर्चों के लिए अलग रखा जा सकता है।
स्वास्थ्य बीमा कंपनियों से सस्ते टॉप-अप कवर
पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) के प्रमुख ने कहा कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत बड़ी संख्या में निवेशकों का एकसाथ आना पेंशन फंड को बेहतर सौदे तय करने में मदद करता है। इससे हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों से सस्ते टॉप-अप कवर और अस्पतालों से उपचार पर रियायतें मिल सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना में अस्पतालों को मरीज के इलाज के तुरंत बाद ही भुगतान मिल सकेगा जबकि केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना के तहत भुगतान में कई महीने लग जाते हैं। रमन ने बताया कि आईसीआईसीआई, एक्सिस और टाटा की तरफ से प्रायोजित पेंशन फंड इस तरह की हेल्थ कवरेज योजनाएं पेश करने को लेकर प्रयोग कर रहे हैं और आईसीआईसीआई जल्द ही अपना उत्पाद पेश कर देगा।
सोना-चांदी ईटीएफ में निवेश की योजना
उन्होंने कहा कि रिटर्न को लंबे समय तक दहाई अंकों में बनाए रखने के उपायों का अध्ययन किया जा रहा है। इसके लिए परियोजना वित्त, रियल एस्टेट, वैकल्पिक निवेश फंड (एआईएफ) के साथ सोना और चांदी ईटीएफ में सीमित निवेश की भी योजना है। उन्होंने एनपीएस के कम कवरेज (करीब एक करोड़ रुपये) को स्वीकार करते हुए कहा कि निवेशक आधार बढ़ाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) से बातचीत जारी है ताकि डिजिटल माध्यम से लोगों को जोड़ने में तेजी लाई जा सके। इसके साथ ही रमन ने कहा कि कम-से-कम चार बैंकों या बैंकों के समूह ने पेंशन कोष कारोबार में उतरने की इच्छा जताई है। इनमें एक्सिस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक एवं स्टार डायची का समूह शामिल हैं।
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