
Budget 2026: लोग बजट में मध्यम वर्ग को राहत, टैक्स में छूट, महिलाओं, किसानों और उद्यमियों के लिए खास योजनाएं चाहते हैं। साथ ही वे चाहते हैं कि बजट आम आदमी की जिंदगी पर सीधा असर डाले। यह जानकारी मिंट के सर्वे में सामने आई है।

फिलहाल भारत में टैक्स सिस्टम ऐसा है कि शादीशुदा होने या न होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। पति और पत्नी दोनों को अलग-अलग टैक्स देना पड़ता है, अलग PAN, अलग छूट और अलग कटौती मिलती हैं।

Budget Review: सैलरी के साथ कैपिटल गेन से हुई आमदनी के मामलों में भले ही कमाई 12 लाख रुपये से कम हो, फिर भी इनकम टैक्स का भुगतान करना होगा। इसका कारण विशेष प्रकार की आय पर लागू इनकम टैक्स रूल्स हैं।

Budget Expectation: फरवरी को पेश होने वाले आम बजट में इनकम टैक्स में राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार नए टैक्स रिजीम को छूट से मुक्त रखने की इच्छुक है, जबकि वह सीमा बढ़ाने और स्लैब में फेरबदल से रियायतें देने पर विचार कर रही है।
Budget 2025 expectations of taxpayers: विशेषज्ञों ने व्यक्तिगत आयकर में महत्वपूर्ण बदलावों, ईवीएस और क्रिप्टो जैसे विशिष्ट टैक्स एरिया, हाउसिंग बेनीफिट्स, सेविंग इंसेंटिव और बहुत कुछ पर ध्यान केंद्रित करते हुए कई सिफारिशें की हैं।
Budget 2025: आगामी एक फरवरी को पेश किए जाने वाले केंद्रीय बजट 2025-2026 में नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। दरअसल, सरकार नई कर व्यवस्था में अहम बदलाव करने की योजना बना रही है। इसका ऐलान आम बजट में किया जा सकता है।
Budget 2025 Expectations Income Tax: पिछली बार कॉर्पोरेट इनकम टैक्स 30% से घटाकर 22% कर दी गई थी। अब 1 फरवरी को पेश किया जाने वाला बजट इसे ठीक करने का एक अवसर है।
Budget 2025: बीमा कंपनियों को उम्मीद है कि आगामी आम बजट से उन्हें बीमा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों के लिए रियायतों सहित कई कर लाभ मिलेंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आम बजट पेश करेंगी।
Budget 2025: रिपोर्ट्स के अनुसार केंद्र सरकार की तरफ से डायरेक्ट टैक्स लॉ के लिए नया बिल इस बार पेश किया जा सकता है। सरकार की कोशिश है कि इस नए बिल के जरिए विषयों का सरलीकरण किया जाए और उसकी कठिन भाषा को सुधारा जाए।
Budget expectations: वित्तीय वर्ष 2025-26 के आम बजट में हेल्थ इंश्योरेंस के क्षेत्र में बड़े बदलावों का ऐलान हो सकता है। इस बदलाव के जरिए जीवन बीमा को भी प्रोत्साहन दिया जा सकता है। इसके लिए बीमा पर आयकर छूट की सीमा बढ़ाई जा सकती है।