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बजट 2021: वित्त मंत्री के पिटारे से क्या महिलाओं को मिलेगी राहत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। कोरोना वायरस महामारी के चलते देश की अर्थव्यवस्था संकट में आ चुकी है। कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जिन्हें इस संकट से निकलने में शायद वर्षों लग जाए।...

बजट 2021: वित्त मंत्री के पिटारे से क्या महिलाओं को मिलेगी राहत
हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 27 Jan 2021 11:46 AM
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। कोरोना वायरस महामारी के चलते देश की अर्थव्यवस्था संकट में आ चुकी है। कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जिन्हें इस संकट से निकलने में शायद वर्षों लग जाए। इन्हीं सब कारणों से देश में महंगाई भी तेजी से बढ़ी है। रसोई गैस के आसमान चढ़ते भावों ने सभी को परेशान कर रखा है। न सिर्फ गैस सिलेंडर बल्कि रसोईघर में काम आने वाले अन्य सामानों के भाव भी तेजी से बढ़ रहे हैं। चूंकि अब बजट आने वाला है तो लोगों को काफी उम्मीद है कि रसोई गैस के दामों में कमी आएगी। 

रसोई गैस और अन्य सामान के दामों में कमी आने से, पहले से ही महामारी की मार झेल रहे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। इसी संबंध में हमने कुछ लोगों से बात की है। ज्यादातर लोगों को यह उम्मीद है कि बजट में रसोई गैस के दाम कम होंगे। एक प्राइवेट स्कूल में अध्यापिका के पद पर कार्यरत, कमला सिंह कहती हैं कि महामारी के बाद से स्कूल बंद हैं। काफी महीनें से तनख्वाह नहीं मिली है, लेकिन रसोई के चूल्हे को बंद नहीं किया जा सकता। मुझे लगता है यदि सिलेंडर के दामों में कुछ कमी आ जाएगी तो हम लोगों को जरूर कुछ राहत मिलेगी।

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लखनऊ निवासी सविता एक गृहणी हैं। वह कहती हैं कि लॉकडाउन के बाद से ही बच्चे घर में ही रह रहे हैं। ऐसे में बार बार उनके कुछ न कुछ खाने की डिमांड भी बढ़ी है। इस वजह से रसोई गैस की खपत भी बढ़ गई है। कोरोना की वजह से पहले से ही हम पर बहुत दबाव है, लेकिन यदि इसके दामों में कमी आएगी तो खर्चों में कुछ सुधार जरूर आएगा।

तरुण अपने घर से दूर कानपुर में अकेले रहते हैं। उनकी कहना है कि बार-बार सिलेंडर के दामों में बढ़ोत्तरी से उनकी बजट बिगड़ जाता है। रसोई गैस को छोड़कर इंडक्शन पर खाना बनाना भी इतना तर्कसंगत नहीं है क्योंकि फिर बिजली के बिल का खर्च बढ़ जाता है। तरुण का भी यही मानना है कि रसोई गैस के दामों में सरकार को कुछ कमी करना चाहिए, ताकि कोरोना के दुष्प्रभावों से लड़ने में थोड़ी सी सहूलियत मिले।

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