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बजट में आयकर छूट की सीमा बढ़ा सकती है सरकार, राजकोषीय घाटे पर पड़ेगा असर

केंद्र सरकार पूर्ण बजट में आयकर छूट की सीमा बढ़ाने का तोहफा दे सकती है। इसे 2.5 लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपये किया जा सकता है। वहीं लोगों को बचत के लिए प्रोत्साहित करने की खातिर आयकर की धारा 80सी के तहत कटौती का दायरा भी बढ़ाया जा सकता है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार आयकर छूट की सीमा 50 हजार रुपये तक बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है।

महिलाओं के लिए इसे 3.5 लाख रुपये किया जा सकता है, वहीं बुजुर्गों को भी बढ़ोतरी का लाभ बढ़ाया जा सकता है। इससे लाखों की तादाद में नौकरीपेशा को लाभ होगा। यह निम्न मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग को राहत देने वाला कदम हो सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पांच जुलाई को बजट पेश करेंगी, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

आयकर छूट में राहत के पीछे तर्क है कि सरकार कर छूट के जरिये लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा देगी। अगर कर छूट सीमा 50 हजार रुपये बढ़ती है तो सालाना ढाई हजार रुपये की बचत होगी और इससे कम से कम पांच करोड़ करदाताओं को लाभ होगा। इससे लोग ज्यादा खर्च करेंगे और उपभोग बढ़ने से अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचेगा।

अभी विकास दर 5.8 फीसदी तक पहुंच गई है, जो पांच साल में सबसे कम है। वित्त मंत्रालय बचत के लिए कटौती की सीमा भी बढ़ाने पर विचार कर रहा है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि धारा 80सी के तहत बचत और निवेश में 1.5 लाख रुपये की कटौती अपर्याप्त है। इसे कम से कम दो लाख रुपये किया जाना चाहिए।

अभी ये है टैक्स स्लैब
आम व्यक्ति : 2.5 लाख रुपये
महिला : 3 लाख रुपये
वरिष्ठ नागरिक : 3.5 लाख रुपये

राजकोषीय घाटे पर असर पड़ेगा
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सरकार आयकर छूट का दायरा बढ़ाती है और 80सी के तहत की गई बचत में कटौती की सीमा दो से ढाई लाख तक करती है तो इसका बोझ राजकोषीय स्थिति पर भी पड़ेगा, जबकि सरकार खजाना बढ़ाने के उपायों की तलाश कर रही है। राजकोषीय घाटा अभी जीडीपी के 3.4 फीसदी तक पहुंच गया है और सरकार इसे तीन फीसदी तक लाने की कोशिश कर रही है।

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  • Web Title:Income Tax Rebate Limit may Be Increase by Govt in Budget